सामाजिक समरसता का पर्व है मकर संक्रांति

गढ़वा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गढ़वा नगर के तत्वाधान में बुधवार को सहिजना सेवा बस्ती में सामाजिक समरसता उत्सव सह मकर संक्रांति मनाया गया. इस अवसर पर सभी स्वयंसेवकों ने अपने साथ लाये चूड़ा, गुड़, तिलकूट खाकर मकर संक्रांति उत्सव को मनाया. मकर संक्रांति के अवसर पर स्वयंसेवकों ने पवित्र भगवा ध्वज के नीचे खड़ा […]

गढ़वा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गढ़वा नगर के तत्वाधान में बुधवार को सहिजना सेवा बस्ती में सामाजिक समरसता उत्सव सह मकर संक्रांति मनाया गया. इस अवसर पर सभी स्वयंसेवकों ने अपने साथ लाये चूड़ा, गुड़, तिलकूट खाकर मकर संक्रांति उत्सव को मनाया. मकर संक्रांति के अवसर पर स्वयंसेवकों ने पवित्र भगवा ध्वज के नीचे खड़ा होकर सामाजिक सौहार्द व समरसता बनाये रखने का संकल्प लिया.

साथ ही मकर संक्रांति त्योहार की महत्ता व भारतीय संस्कृति परंपरा पर चल कर अपने भारत माता को पुनः विश्वगुरु बनाने का अपना पुरातन प्रण को दुहराया. कार्यक्रम में बौद्धिक स्वदेशी जागरण मंच के गढ़वा जिला संयोजक अनिमेश चौबे ने दिया. इस अवसर पर उन्होंने मकर संक्रांति पर्व के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा कि भारत के सभी पर्वों की अपनी विशेषता है. हमारे सभी परंपरा व पर्व का वैज्ञानिक महत्व है. आज से सूर्य की दिशा उत्तरायण हो जाती है. इसका असर मानव जीवन सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है. मकर संक्रांति पर्व मनाने की परंपरा हमारी सदियों से चली आ रही है.

कार्यक्रम में प्रांत बौद्धिक प्रमुख ज्वाला तिवारी, जिला व्यवस्था प्रमुख कृष्णमुरारी पांडेय, गढ़वा नगर कार्यवाह अभिषेक पाठक, नगर बौद्धिक प्रमुख अभिषेक गुप्ता, नगर सह बौद्धिक प्रमुख अभिषेक सिन्हा, नगर व्यवस्था प्रमुख विशाल कुमार, गढ़वा नगर विस्तारक हरिगोविंद कुमार, अभाविप के गढ़वा जिला संयोजक निशांत चतुर्वेदी, उमंग कुमार, राकेश कुमार, रंजीत कुमार, आशीष दुबे सहित कई स्वयंसेवक शामिल थे.

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