फुलवार गर्मकुंड स्थल पर मेला शुरू

भवनाथपुर : मकर संक्रांति पर भवनाथपुर प्रखंड मुख्यालय से आठ किमी दूर कैलान पंचायत के फूलवार गांव स्थित गर्मकुंड स्थल पर दो दिवसीय मेला शुरू किया गया. मकर संक्राति के अवसर पर दो दिन तक लगनेवाले इस मेला में प्रखंड क्षेत्र सहित हरिहरपुर, रपुरा, बांसडीह, कांडी, मोहम्मदगंज, केतार के परसोडीह गांव से हजारों की तादाद […]

भवनाथपुर : मकर संक्रांति पर भवनाथपुर प्रखंड मुख्यालय से आठ किमी दूर कैलान पंचायत के फूलवार गांव स्थित गर्मकुंड स्थल पर दो दिवसीय मेला शुरू किया गया. मकर संक्राति के अवसर पर दो दिन तक लगनेवाले इस मेला में प्रखंड क्षेत्र सहित हरिहरपुर, रपुरा, बांसडीह, कांडी, मोहम्मदगंज, केतार के परसोडीह गांव से हजारों की तादाद में लोग पहुंचते है.

श्रद्धालु फूलवार स्थित गर्मकुंड में स्नान करना व मेला घूमना लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है़ फूलवार गांव चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है़ पहाड़ और आसपास की मनोरम छटा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है.
जानकारों की माने तो स्थानीय लोग फूलवार गर्मकुंड स्थल पर 115 वर्षों से मेला का आयोजन करते आ रहे है़ं इसकी विशेषता यह है कि गर्मकुंड के उदगम स्थल पर ठंड के मौसम में गर्म पानी व गर्मी के मौसम में ठंडा पानी निकलता है. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन इस गर्मकुंड में स्नान करने से शाही स्नान का फल मिलता है.
मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष मंटू सिंह, सचिव ब्रजेश यादव, मनोज यादव, आलोक कुमार, देवकुमार सिंह, ग्रामीण हरिनारायण यादव, लालनाथ आदि ने बताया कि पहाड़ों की कंदराओं में बसे कैलान गांव में बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंचते है. आकर्षण के दृष्टिकोण से फूलवार गर्मकुंड स्थल गढ़वा जिले का एकमात्र रमणिय पर्यटन स्थल है. इसके बावजूद सरकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण आज तक यह वीरान पड़ा हुआ है.
गुरुसिंधु में लगा मकर संक्रांति मेला : चिनिया. प्रखंड के गुरुसिंधू में मकर संक्रांति मेला मंगलवार को आयोजित किया गया़ चिनियां प्रखंड के गुरुसिंधु पर्यटन स्थल में 60 साल से लगातार मेला लगाया जाता आ रहा है़ लोगों ने कनहर नदी में डुबकी लगाकर स्नान किया तथा शंकरजी की प्रतिमा पर पूजा अर्चना कर परंपरागत रूप से लाई-चूड़ा, गुड़ आदि ग्रहण किया़ इस मेले में छत्तीसगढ़, उतर प्रदेश, गढ़वा व पलामू जिले से लोग पहुंचे हुए थे़
केतार. मंगलवार को मकर संक्रांति के अवसर पर परती सोन नदी घाट और खैरवा सोन नदी घाट के समीप मेले का आयोजन किया गया. घने कोहरे और कंपकंपाती ठंड के बावजूद सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का आना शुरु हो गया था. सोन नदी के तट पर पहुंच कर श्रद्धालुओं ने स्नान -ध्यान और पूजा -पाठ कर लाई-चूड़ा व तिलकुट का आनंद लिया. तत्पश्चात दोपहर तक हजारों की संख्या में मेले में पहुंच कर लोगों ने मेले में हिस्सा लिया़ परती और खैरवा के मेले के भीड़ में युवाओं के अलावा महिलाएं और बच्चों की संख्या अधिक थी.

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