लोगों की प्रभावित हो रही है दिनचर्या
बेमौसम बारिश व बूंदा-पानी से अधिकांश फसल व सब्जियों को हो रहा है नुकसान
गढ़वा : गढ़वा जिले में गुरुवार को साल के दूसरे दिन भी सुबह से ही रुक-रुक कर बूंदा-बांदी होती रही. इसके कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित रही. बारिश ने कनकनी और बढ़ा दी है. कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा के मुताबिक गुरुवार का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री और अधिकतम 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
गुरुवार को 4 एमएम बारिश रिकार्ड किया गया. विदित हो कि इसके पूर्व मंगलवार व बुधवार को गढ़वा का न्यूनतम चार तापमान था. आकाश में घने बादल की वजह से तापमान में एक-दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई है. आकाश से बादल के छंटते ही तापमान में फिर गिरावट आयेगी और कनकनी बढ़ेगी. गौरतलब है कि ठंड से अबतक जिले में छह लोगों की मौत हो चुकी है.
सब्जियों को धुआं देने की सलाह: कृषि वैज्ञानिकों ने कुहासा और बूंदा-बांदी से सब्जियों को बचाने के लिये उनके पास धुआं देने और लगातार खेतों में ताजा पानी देने की सलाह दी है. साथ ही फसलों को कुहासे से बचाने के लिए भी उनकी मिट्टी में हमेशा नमी बनाये रखने की बात कही है.
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि जबतक मौसम में बदलाव नहीं होता है, तब तक किसानों को यही उपाय करते रहने होंगे. उन्होंने कहा कि यद्यपि शुक्रवार के बाद बूंदा-पानी का असर समाप्त हो जायेगा. मौसम साफ हो जायेगा, लेकिन सुबह में फिलहाल कोहरे का असर बना रहेगा.
अलाव की व्यवस्था करने की मांग : रंका . रंका प्रखंड क्षेत्र में दो दिनों से लगातार हो रही बूंदा-बांदी ने कनकनी बढ़ा दी है. इससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
लोग घर में दुबक कर समय बिता रहे हैं. शीत लहरी व बढ़ते कनकनी से लोग जैसे-तैसे झाड़ी जलाकर आग ताप रहे हैं. इस ठंड से बचने के लिये प्रशासन द्वारा सही ढंग से अलाव की व्यवस्था नहीं कराये जाने से लोगों में नाराजगी भी दिख रही है. भाजपा नेता कृष्णमुरारी पांडेय, करुणानिधान पांडेय, सोनु चंद्रवंशी आदि ने कहा कि इस वर्ष ठंड बहुत पड़ रही है. इससे लोगों का जनजीवन भी प्रभावित हो गया है.
सरकार द्वारा ठंड से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था की जाती है. लेकिन इस वर्ष अलाव की व्यवस्था समुचित रूप से नहीं होने के कारण गरीब लोगों को ठंड काटने में परेशानी हो रही है. उन्होंने प्रशासन से समुचित अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है .
