मझिआंव : मेराल थाना क्षेत्र के फुलवरिया नदी से मझिआंव थाना क्षेत्र के खजूरी गांव स्थित चेड़ी माता स्थान तक जल संसाधन विभाग द्वारा कराया जा रहा नहर निर्माण में बालू की जगह मिट्टी मिला मोरम का उपयोग करने पर ग्रामीणों ने विरोध किया. इस दौरान निर्माण स्थल पर पहुंचे ग्रामीण अशोक साह, दिलीप सिंह ,कार्तिक कुमार, धनी मेहता अर्जुन मेहता गरीबा,मेहता भरत मेहता, ननकाउ पाठक, सत्येंद्र विश्वकर्मा ,उदय विश्वकर्मा, राधेश्याम विश्वकर्मा ,संजय विश्वकर्मा ,अजय विश्वकर्मा, अशोक मेहता, अमर विश्वकर्मा एवं भोला विश्वकर्मा सहित लगभग चार दर्जन की संख्या में आये लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कंस्ट्रक्शन कंपनी बेंगलोर द्वारा नाहर निर्माण कार्य में बालू के जगह पर मिट्टी मिला मोरम डाल कर ढलाई किया जा रहा है.
नहर निर्माण में अनियमितता का ग्रामीणों ने किया विरोध
मझिआंव : मेराल थाना क्षेत्र के फुलवरिया नदी से मझिआंव थाना क्षेत्र के खजूरी गांव स्थित चेड़ी माता स्थान तक जल संसाधन विभाग द्वारा कराया जा रहा नहर निर्माण में बालू की जगह मिट्टी मिला मोरम का उपयोग करने पर ग्रामीणों ने विरोध किया. इस दौरान निर्माण स्थल पर पहुंचे ग्रामीण अशोक साह, दिलीप सिंह […]

जो नाहर निर्माण प्राक्कलन के विरुद्ध है.साथ ही ग्रामीणों ने चेडी माता स्थान के समीप नहर के ऊपर पुलिया निर्माण करने की मांग की. कहा कि लगभग तीन किलोमीटर लंबाई के इस नहर के निर्माण हो जाने से अटौला, खोलरा, बोकेया, बाजूडीह व खजुरी गांव के अलावा कई गांवों की सैकड़ों एकड़ जमीन सिंचित होगी.
ग्रामीणों द्वारा नाहर निर्माण कार्य में बालू का उपयोग नहीं करने के कारण पूछने पर मुंशी विजय कुमार ने सभी ग्रामीणों के बात को इनकार करते हुए जबरन तौर पर मिट्टी मिला मोरम को बालू साबित करने का प्रयास किया जा रहा है. मुंशी ने बताया कि पिछले मार्च महीना से मझिआंव का बालू घाट बंद होने के बाद से बालू नहीं मिलने के कारण बालू की जगह पर मोरम का उपयोग किया जा रहा है.
इधर इस दौरान निर्माण स्थल पर पहुंचे कनीय अभियंता जावेद अख्तर ने मुंशी विजय कुमार को सख्त निर्देश देते हुए नाहर के दोनों तरफ किनारों पर मिट्टी हटाकर बालू डालकर ढलाई करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने सभी ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चेडी माता स्थान के समीप पुलिया निर्माण करने को लेकर ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त एक लिखित आवेदन दें,मैं इस बारे में अपने वरीय पदाधिकारी से कह कर निर्माण कराने की कोशिश करूंगा.