पांच माह से वेतन नहीं, ठेला पर लिट्टी बेच परिवार चला रहे हैं पारा टीचर

गढ़वा : गढ़वा के सहिजना मोड़ पर प्रतिदिन लिट्टी चोखा बेचकर पारा टीचर प्रमोद कुमार अपने बच्चों एवं परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं. प्रमोद कुमारचिनिया प्रखंड के हेताड़ कला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में सहयोगी शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी पारा शिक्षकों द्वारा हड़ताल की गयी […]

गढ़वा : गढ़वा के सहिजना मोड़ पर प्रतिदिन लिट्टी चोखा बेचकर पारा टीचर प्रमोद कुमार अपने बच्चों एवं परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं. प्रमोद कुमारचिनिया प्रखंड के हेताड़ कला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में सहयोगी शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी पारा शिक्षकों द्वारा हड़ताल की गयी थी उस समय लगभग दो माह तक हड़ताल चली, जिससे आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी थी. उसी समय से उन्होंने ठेले पर लिट्टी चोखा बेचने की शुरुआत की.

उन्होंने बताया कि पारा शिक्षकों को कभी चार तो कभी पांच माह तक मानदेय नहीं मिलता है. इस स्थिति में बच्चों का पढ़ाई ,घर चलाना मुश्किल हो गया. ऐसी स्थिति में एकमात्र उपाय कुछ पैसों को इकठ्ठा कर व्यवसाय शुरू कर अपना जीवन यापन कर सकें. उन्होंने बताया कि प्रतिदिन स्कूल से आने के बाद शाम पांच बजे ठेला लेकर मोड़ पर निकल जाते हैं. इससे पहले सभी तैयारी उनके परिवारवालों द्वारा किया जाता है. वर्तमान में वे एक किराये के मकान में रहते हैं.
पारा शिक्षक संघ के अमित रंजन ने कहा कि सरकार की नीति से पूरे राज्य के पारा शिक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. सरकार द्वारा सिर्फ फरमान निकाला जाता है और मानदेय देने की बात आती है तो वहां सरकार पीछे हट जाती है. पीछे चार माह से जिले भर के पारा शिक्षकों का मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है जिसके कारण पारा शिक्षकों की स्थिति काफी दयनीय हो गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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