केतार : प्रखंड के बलिगढ़ पंचायत के समरलोटवा टोला स्थित, ढढरा नदी के तट पर बना लिफ्ट एरिगेशन काफी दिनों से बंद है. 1980 ई. में बना यह लिफ्ट एरिगेशन यहां के सैकड़ों किसानों के लिए वरदान था. इससे यहां के 200 एकड़ से ज्यादा भूमि सिंचित होती थी. उक्त लिफ्ट एरिगेशन में कार्य कर रहे गांव के ही सेवानिवृत्त सहायक पत्राचार लिपिक सुदर्शन सिंह ने बताया कि किसान मात्र 40 रुपये की लागत से एक एकड़ में लगी फसल का पटवन करते थे. इसमें ढढरा नदी में बना कुआं से पानी उठाकर पाइप लाइन के तहत खेतों में सिंचाई की जाती थी. इसमें सरकार की ओर से 38 एचपी का डीजल मशीन तथा 65 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगवाया गया था.
200 एकड़ से ज्यादा खेतों में पटवन करनेवाला लिफ्ट एरिगेशन बंद
केतार : प्रखंड के बलिगढ़ पंचायत के समरलोटवा टोला स्थित, ढढरा नदी के तट पर बना लिफ्ट एरिगेशन काफी दिनों से बंद है. 1980 ई. में बना यह लिफ्ट एरिगेशन यहां के सैकड़ों किसानों के लिए वरदान था. इससे यहां के 200 एकड़ से ज्यादा भूमि सिंचित होती थी. उक्त लिफ्ट एरिगेशन में कार्य कर […]

मशीन घर और यहां के किसान 15 वर्ष तक इस योजना का लाभ उठाते रहे. लेकिन बाद में ट्रांसफॉर्मर जल गया और मशीन में खराबी आ गयी, जिसे पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी के कार्यकाल में मरम्मत करायी गयी थी. लेकिन कुछ वर्ष बाद फिर से मशीन में खराबी आ गयी़ इसे बनवाने के लिए स्थानीय लोगों ने दर्जनों बार गुहार लगायी.
इसके बावजूद आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने खराब पड़े लिफ्ट एरिगेशन को बनवाने की पहल नहीं की़ इस कारण किसानों का 200 एकड़ की फसल सिंचाई के अभाव में प्रभावित हो रही है. इससे आक्रोशित ग्रामीण अवधेश विश्वकर्मा, सरयू राम, मलुकी विश्वकर्मा, तपन सिंह आदि ने बंद पड़े लिफ्ट एरिगेशन को चालू करानेवाले प्रत्याशी को ही मत देने का निर्णय लिया है.