गढ़वा : झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कमेटी के तत्वावधान में सोमवार को 16 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय परिसर में धरना दिया. धरना के पश्चात राज्यपाल के नाम मांगपत्र सौंपा गया. धरना को झामुमो के नेताओं ने संबोधित करते हुए पानी, बिजली सहित अन्य मुद्दों पर सरकार के उपेक्षापूर्ण रैवया को कोसा और इसमें सुधार लाने की मांग की.
राज्यपाल के नाम सौंपे गये मांगपत्र में नेताओं ने कहा है कि भीषण गर्मी में आम जनता बिजली पानी के लिए त्राहिमाम कर रही है. जबकि मुख्यमंत्री ने 31 दिसंबर 2018 तक सभी गांव में बिजली पहुंचाने का वादा किया था, जो पूरी तरह फेल हो गया. जिले की तीन नदियां कनहर,सोन व कोयल नदी बहती है.
लेकिन सिंचाई के लिए कनहर का पानी उत्तर प्रदेश को और सोन नदी तथा कोयल का पानी बिहार को दी जा रही है़ बाढ़ के कारण इन नदियों के कटाव से गढ़वा के किसानों की जमीन नदी में समा जा रही है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है़ जबकि गार्डवाल का निर्माण करा कर कटाव को रोका जा सकता है और नदी के पानी किसानों के खेत तक पहुंचाया जा सकता है़ नेताओं ने कहा कि वर्ष 1989-84 में भूमि सर्वे को मान्यता दे दी गयी. इस गलत सर्वे से गढ़वा के डेढ़ लाख रैयत सेक्शन 87 का मुकदमा लड़ने को विवश हैं.
वहीं पेयजल समस्या दूर करने के लिए 10 वर्ष पूर्व गढ़वा शहर में जलापूर्ति योजना, जो अभी तक पूरी नहीं की जा सकी है़ नेताओं ने कहा कि जिले में यूपी व बिहार से बिजली की आपूर्ति की जाती है़ इससे जिले के लोगों को दो तीन घंटे ही बिजली मिलती है़ नेताओं ने राज्यपाल से मांग किया कि गढ़वा को हटिया ग्रिड से जोड़कर 20 घंटा बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाये.
साथ ही जिले में डीडीटी व ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव नहीं होने के कारण प्रतिवर्ष सैकड़ों लोगों की असमय जान चली जाती है़ इसकी रोकथाम होनी चाहिए. नेताओं ने कहा कि सदर अस्पताल में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसी भी मरीज को तुरंत रांची रेफर कर दिया जाता है़ नेताओं ने अस्पताल की व्यवस्था में सुधार करने एवं अस्पातल की उपाधीक्षक डॉ रागिनी अग्रवाल को निलंबित करने की मांग की है.
इसके अलावा नेताओं ने राज्यपाल से गढ़वा शहर में बाइपास व रिंग रोड का निर्माण कराने, अन्नराज घाटी में गार्डवाल का निर्माण व सड़क को चौड़ा करने, जिले में ऑफ लाइन पेंशन भुगतान की व्यवस्था करने,राज्य में मॉब लिंचिंग पर रोक लगाने तथा जिले में मृत पड़े नहर परियोजनाओं की हजारों एकड़ अतिक्रमित भूमि को मुक्त करने आदि की मांग शामिल है़ धरना में जिलाध्यक्ष तनवीर आलम,मनोज ठाकुर, नीतेश कुमार सिंह, खुशबुद्दीन खां, फूजैल अहमद,विनोद तिवारी, कन्हैया चौबे आदि का नाम शामिल है़
