गढ़वा : 422540.76 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले गढ़वा जिले के वन क्षेत्रों में चार प्रतिशत की कमी आयी है़ जबकि जिले के 20 वर्षों के दौरान यहां के अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है़ इस वजह से गढ़वा जिले के लोग अब भीषण गरमी व लू से जूझने को मजबूर हो […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गढ़वा : 422540.76 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले गढ़वा जिले के वन क्षेत्रों में चार प्रतिशत की कमी आयी है़ जबकि जिले के 20 वर्षों के दौरान यहां के अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है़ इस वजह से गढ़वा जिले के लोग अब भीषण गरमी व लू से जूझने को मजबूर हो गये है़. गढ़वा जिले में उतरी व दक्षिणी वन क्षेत्र स्थित है़.
दक्षिणी वन क्षेत्र में डंडई, धुरकी, रंका, रमकंडा, चिनियां, भंडरिया, बड़गड़ एवं पलामू के चैनपुर क्षेत्र का क्षेत्र समाहित है़ जबकि शेष प्रखंड उतरी वन क्षेत्र के अधीन है़ं हाल के वर्षों में वनों को सबसे ज्यादा नुकसान उत्तरी क्षेत्र में हुआ है. यहां पेड़ों की कटाई के बाद बड़ी मात्रा में वन क्षेत्रों से पत्थरों का भी अवैध उत्खनन होता है. रमना, भवनाथपुर, मझिआंव व मेराल क्षेत्र में कई ऐसे पहाड़ हैं, जो पत्थर की तोड़ाई के बाद अब मिट्टी के टीलों में बदल कर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है़.
कुल भगौलिक क्षेत्र का 33% है जंगली क्षेत्र: वन विभाग की ओर से साल 2017 में कराये गये सर्वेक्षण के अनुसार गढ़वा जिले का कुल भगौलिक क्षेत्र 4093 वर्ग किमी में फैला हुआ है़ इसमें से वन क्षेत्र 1390 वर्ग किमी में फैला हुआ है. यह जिले के कुल भगौलिक क्षेत्र का 33.96 प्रतिशत है़ 2017 के आंकड़े के अनुसार साल 2015 में कराये गये सर्वेक्षण की तुलना में जिले में चार प्रतिशत जंगल कम हुए है़ं 2017 के आंकड़े के अनुसार जिले में अधिक घना वन क्षेत्र के नाम पर मात्र 125 वर्ग किमी ही है. कम घना जंगल यहां 414 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है. जबकि ओपेन फॉरेस्ट 851 वर्ग किमी क्षेत्र में विद्यमान है़ पूरे जिले में झाड़ी के रूप में कुल वन क्षेत्र का 62 प्रतिशत हिस्सा विद्यमान है. जिले में पूरे साल औसत बारिश 1235.0 एमएम होती है.