मेराल के पढ़ुआ गांव में पेयजल संकट गहराया

मेराल : प्रखंड अंतर्गत पढ़ुआ गांव की आधी आबादी भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रही है. वहीं पढ़ुआ के ग्रामीणों ने बताया कि विगत चार-पांच वर्षों से गांव में बिजली भी नहीं है. गांव की पक्की सड़क से पश्चिम टोला जहां की आबादी करीब पांच सौ है वहां जलस्तर काफी नीचे चले जाने […]

मेराल : प्रखंड अंतर्गत पढ़ुआ गांव की आधी आबादी भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रही है. वहीं पढ़ुआ के ग्रामीणों ने बताया कि विगत चार-पांच वर्षों से गांव में बिजली भी नहीं है. गांव की पक्की सड़क से पश्चिम टोला जहां की आबादी करीब पांच सौ है वहां जलस्तर काफी नीचे चले जाने तथा कठोर चट्टान के कारण साल के करीब छह महीने कुआं और चापाकल सूखा रहता है.

इस क्षेत्र के लोगों को जहां खेती के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है वहीं पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है. सरकारी स्तर से चापाकल लगाया गया है़ लेकिन जलस्तर नीचे होने के कारण गर्मी के महीने में सभी चापाकल तथा कुआं सूख जाता है.

लोग टैंकर से पानी खरीद कर किसी तरह काम चलाते हैं. गांव के प्रमोद पांडे, बसंत पासवान, अमरनाथ पांडे, रामप्रवेश चंद्रवंशी, तेज प्रताप, विकास गुप्ता, कामेश्वर चंद्रवंशी आदि लोगों का कहना है कि पानी की समस्या से निजात के लिए विधायक सहित सभी जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाया गया है. जनप्रतिनिधियों से आश्वासन तो मिला लेकिन इस समस्या से निजात के लिए अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब एक दर्जन से अधिक चापाकल ऐसा है जो पूरी तरह सूख चुका है.

लेकिन कुछ चापाकल खराब पड़ा हुआ है. बिचला टोला में सामुदायिक भवन के पास, पूर्व मुखिया अवध किशोर देव के घर के पास, नंदलाल चंद्रवंशी के घर के पास तथा सुखमनिया देवी के घर के पास का चापाकल विगत एक महीने से खराब है. ग्रामीणों ने विभाग से खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने की मांग की है ताकि भीषण गर्मी में लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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