जिला खनन विभाग की लापरवाही के कारण हुई बच्चे की मौत
समय पर बालू खनन की जांच होती, तो 10 फीट गहरे गड्ढे नहीं होते
मझिआंव : मझिआंव थाना क्षेत्र के खरसोता गांव स्थित कोयल नदी में निगम द्वारा बालू खनन कर छोड़े गये 10 फीट गहरे गड्ढे में डूब कर एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी.मृतक पलामू जिले के पांडु थाना क्षेत्र के रातनाग गांव के पोखरी टोले के मदन पासवान का पुत्र था. जो अपने मौसा खरसोता गांव निवासी मोतीचंद पासवान के घर शादी समारोह में अपने माता पिता के साथ आया था.परिजनों ने बताया कि कई अन्य बच्चों के साथ वह भी नदी में नहाने गया था.
इसी बीच उक्त घटना घट गयी. बताया गया कि उक्त बच्चे के डूबने की आवाज सुन कर अन्य छोटे छोटे बच्चे सहम गये और दौड़कर घर वालों को खबर किये, तब तक देर हो चुकी थी.घटना के बाद परिजनों द्वारा मझिआंव पुलिस को खबर नहीं किया गया और शव को उसके पैतृक निवास पांडु ले गये. इधर आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि खरसोता घाट पर सरकार ने निगम को बालू खनन का ठेका दिया है. लेकिन खनन विभाग यह कभी नहीं जांच करता है कि बालू कितनी गहराई तक खोदी जा रही है. अगर इस पर निगरानी की गयी होती तो आज यह हादसा नहीं होता.
इधर खरसोता पंचायत के प्रभारी मुखिया राजेंद्र कुमार मेहता ने बताया कि लगभग तीन फीट गहरा बालू खनन करना है, लेकिन निगम द्वारा मनमाने तरीके से बालू खनन कर गड्ढे बना दिये गये हैं. इस विषय पर ग्रामीणों की बैठक होनी है, उसके बाद ही आगे की रणनीति बनायी जायेगी. इस संबंध में मझिआंव अंचलाधिकारी राकेश सहाय ने बताया कि इसकी जांचकर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
