आवास में बिजली नहीं है, पानी संकट भी है : बीडीअो
मझिआंव : बरडीहा प्रखंड मुख्यालय स्थित बीडीओ एवं पर्यवेक्षक सह कर्मचारी आवास निर्माण के छह माह बाद भी खाली पड़ा हुआ है. इनमें न तो बीडीओ रहते हैं और न कर्मचारी. सभी जिला मुख्यालय में ही रहते हैं.राज्य सरकार द्वारा प्रखंड के लोगो की सुविधा के लिए बीडीओ, सीओ व कर्मचारियों को प्रखंड मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिये हैं और लगभग 50 लाख रुपये की लागत से उनके रहने के लिए आवास भी बनाये हैं और छह माह पहले बिल्डिंग हैंड ओवर भी किया जा चुका है.
इसके बाद भी सरकार के निर्देश का अनुपालन नहीं किया जा रहा. बताया जाता है कि जिला मुख्यालय में रहने के कारण पदाधिकारी एवं कर्मचारी हमेशा ही ऑफिस समय पर नहीं पहुंच पाते, जिसके कारण सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीणों को अपना काम कराने के लिए उनका इंतजार करना पड़ता है और कभी-कभी तो इंतजार के बाद भी कर्मचारी नहीं आते और दूरभाष पर खबर भेज देते हैं कि आज डीसी साहेब के ऑफिस में मीटिंग है.
यह सुनकर ग्रामीण मन मसोसकर वापस घर चले जाते हैं और कहते हैं कि अगर कर्मचारी व पदाधिकारी प्रखंड मुख्यालय में रहते तो उन्हें एक ही काम के लिए बार बार दौड़ना नहीं पड़ता. इस संबंध में बरडीहा बीडीओ नंदजी राम ने बताया कि बीडीओ सह सीओआवास तो छह माह पहले हैंडओवर हो गया है. लेकिन कर्मचारी आवास नहीं हुआ है.
बीडीओ आवास में बिजली नहीं है और चापाकल तो है, लेकिन पानी ऊपर नहीं चढ़ाया गया हैं, जिसके कारण वे उसमें नहीं रहते. इसके लिए एक्सक्यूटिव इंजीनियर को लिखा जा चुका है. लेकिन अभी तक व्यवस्था नहीं करायी गयी है.
