गढ़वा : गढ़वा राष्ट्रीय कृषि बाजार इ-नाम योजना के तहत अंतर्राज्यीय व्यापार करनेवाला झारखंड का पहला जिला बन गया है. इसी के साथ झारखंड इस तरह के व्यापार के मामले में पूर्वी भारत का पहला राज्य बन गया है. इ-नाम के तहत गढ़वा के किसानों को उत्तर प्रदेश मंडी परिषद ने अनुज्ञप्ति निर्गत की है.इसके बाद शनिवार को गढ़वा के व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश के किसानों का ऑनलाइन उत्पाद खरीदा.
अंतर्राज्यीय व्यापार में राज्य का पहला जिला बना गढ़वा
गढ़वा : गढ़वा राष्ट्रीय कृषि बाजार इ-नाम योजना के तहत अंतर्राज्यीय व्यापार करनेवाला झारखंड का पहला जिला बन गया है. इसी के साथ झारखंड इस तरह के व्यापार के मामले में पूर्वी भारत का पहला राज्य बन गया है. इ-नाम के तहत गढ़वा के किसानों को उत्तर प्रदेश मंडी परिषद ने अनुज्ञप्ति निर्गत की है.इसके […]

बताते चलें कि केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने लगभग तीन वर्ष पूर्व राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना यानी इ-नाम की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य किसानों के उत्पाद को उचित मूल्य दिलाना, बाजार उपलब्ध कराना और बिचौलियावाद को समाप्त करना है. इ-नाम पोर्टल के जरिये कृषि उत्पाद की ऑनलाइन बोली लगायी जाती है.
गढ़वा बाजार समिति में इ-नाम के तहत कई किसान रजिस्टर्ड हैं. बाजार समिति के सचिव राहुल कुमार उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज बाजार मंडी जाकर अंतर्राज्यीय व्यापार के लिए आवश्यक कार्रवाई को पूर्ण किया. उसके बाद गढ़वा के तीन किसान सुहैल अहमद, सुनील कुमार गुप्ता और अरविंद कुमार गुप्ता को उत्तर प्रदेश मंडी परिषद ने रजिस्टर्ड कर लिया. शनिवार को गढ़वा के व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश के किसानों से ऑनलाइन टमाटर, गोभी और प्याज खरीदी. गढ़वा बाजार समिति के सचिव राहुल कुमार कहते हैं कि यहां किसानों को बेहतर व्यवस्था दी जा रही है.
उनका व्यापार बढ़ाने के लिये उन्हें यूपी के बाजार समिति से जोड़ा गया है. इसके बाद गढ़वा के व्यापारियों ने अंतरराज्यीय व्यापार शुरू कर दी है. वही झारखंड ई-नाम के नोडल पदाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि गढ़वा की तरह राज्य के अन्य बाजार मंडियों को अंतरराज्यीय व्यापार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.