डंडई : बीडीओ सुनील कुमार सिंह व थाना प्रभारी राम अवतार की उपस्थिति में सोमवार को रामनवमी को लेकर शांति समिति की बैठक की गयी. इसमें रामनवमी पर्व को शांति एवं सौहार्दपूर्ण रूप से मनाने का निर्णय लिया गया. स्थानीय थाना परिसर में आयोजित बैठक में काफी संख्या में दोनों समुदाय के लोग शामिल हुए. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
डंडई : बीडीओ सुनील कुमार सिंह व थाना प्रभारी राम अवतार की उपस्थिति में सोमवार को रामनवमी को लेकर शांति समिति की बैठक की गयी. इसमें रामनवमी पर्व को शांति एवं सौहार्दपूर्ण रूप से मनाने का निर्णय लिया गया. स्थानीय थाना परिसर में आयोजित बैठक में काफी संख्या में दोनों समुदाय के लोग शामिल हुए.
बैठक में उपस्थित कई ग्रामीणों ने शराब भट्ठी के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने की मांग पुलिस प्रशासन से की. बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने कहा कि आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह के कार्यक्रम से पहले अनुमति लेना आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि लोगों को किसी भी तरह के अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. अप्रिय घटनाओं की जानकारी मिलने पर ग्रामीण इसकी तुरंत जानकारी दें. पुलिस इसपर तुरंत कार्रवाई करेगी. बीडीओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि रामनवमी हिंदुओं के आस्था का पर्व है. लोगों को इसे भाईचारगी और हर्षोल्लास के साथ मनाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि गांव-घर के किसी भी कार्यक्रम को क्षमता से अधिक नहीं करना चाहिए. उन्होंने अधिक आवाज में डीजे साउंड बचाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी.
कमल का निशान देख भड़के लोग
शांति समिति की बैठक में भाग लेने आये लोगों ने थाना परिसर में राजनीतिक दल कमल निशान की बनी तसवीर को देख कर विरोध करना शुरू कर दिये. विरोध करने की आवाज सुनकर थाना प्रभारी ने उसे आनन-फानन में अविलंब मिटवा दिया. लोगों ने कहा कि नियम और कानून को संचालित करने वाले पुलिस प्रशासन द्वारा ही आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया जा रहा है.
रारो पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि पंकज विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन खुलेआम राजनीतिक दल का प्रचार वाहक बन कर कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस कमल चित्र के बारे में बीडीओ से भी शिकायत की गयी, लेकिन उनके द्वारा उसपर किसी भी तरह का ध्यान नहीं दिया गया. इससे स्पष्ट होता है कि दोनों पदाधिकारियों के साठ-गांठ से थाना परिसर में कमल निशान के चित्र को छापा गया है.
इसपर थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि उक्त चित्र किसी के निर्देश पर नहीं बनाया गया है. बल्कि पेंटर ने नासमझी में बना दिया है. इसके बाद लोगों की उपस्थिति में ही चित्र को मिटा दिया गया.