बघमनवा पहाड़ी पर बंटता है आधा दर्जन गांवों का राशन
रमकंडा : गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती रंका व रमकंडा प्रखंड के करीब आधा दर्जन ऑनलाइन जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गये इ पॉस मशीन में नेटवर्क की समस्या एक बड़ी परेशानी बन चुका है. ऑनलाइन राशन वितरण व्यवस्था के करीब दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी इस समस्या से इन्हें निजात नहीं मिल सका है.
इसके कारण इन डीलरों द्वारा प्रत्येक माह राशन वितरण के लिए ऊंचे स्थानों या गांव के नजदीक पहाड़ियों के चोटी पर पहुंचना पड़ता है. ऊंचे स्थान पर पहुंच कर राशन डीलर नेटवर्क की तलाश करते हैं. वहीं राशन लाभुकों को भी मशीन में अपना अंगूठा लगाने के लिए चढ़ना पड़ता है.
काफी प्रयास के बाद कहीं मशीन से पर्ची निकलता है. नेटवर्क समस्या की बानगी शुक्रवार को रंका प्रखंड क्षेत्र के गासेदाग गांव स्थित बघमनवा पहाड़ी पर देखने को मिली. जहां डीलर सत्यनारायण सिंह द्वारा लाभुकों को राशन उपलब्ध कराने के लिये पहाड़ी पर नेटवर्क आने का इंतजार किया जा रहा था. वहीं राशन लाभुक भी पहाड़ी पर धीरे-धीरे पहुंच रहे थे. डीलर ने बताया कि गांव के सभी क्षेत्रों में प्रयास कर चुका हूं. लेकिन मशीन में नेटवर्क के नहीं आने से लाभुकों को राशन नहीं मिल पाता है.
अंततः प्रत्येक माह के राशन वितरण के लिये पहाड़ी की चोटी पर चढ़ना पड़ता है. तब जाकर कुछ लोगों का पर्ची निकलने के बाद उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाता है. इसके साथ ही रमकंडा प्रखंड के भी कुछ डीलर इसी जगह पर पहुंचकर राशन वितरण के लिये पर्ची निकालते हैं. राशन डीलरों ने बताया कि इस ऊंचाई पर भी कभी-कभार नेटवर्क फेल हो जाता है.
राशन लाभुक शिवनाथ भुइयां, मोहरमानी देवी, रवींद्र प्रसाद, विशम्भर साव, कर्मदेव भुइयां, जगनारायण भुइयां, दिकू भुइयां, केश्वर भुइयां, शिवनाथ भुइयां, शोभा भुइयां, दिकदार भुइयां, बरती देवी, हिरमानी देवी आदि ने बताया कि जब से अंगूठा लगाकर राशन वितरण की शुरुआत हुई है, तब से उन्हें प्रत्येक माह राशन लेने के लिए इसी पहाड़ी पर चढ़ना पड़ता है. इसके साथ ही रमकंडा प्रखंड के भी आधा दर्जन डीलर रोजहिम, भरदुल, विजय बैठा, आदि भी पर्ची निकालने यहां अक्सर आते हैं. इसके कारण उन्हें भारी परेशानी हो गयी है.
