पीयूष तिवारी, गढ़वा : एक तरफ जहां विभिन्न प्रकार के ऑफर देकर निजी दूरसंचार कंपनियों का विस्तार किया जा रहा है, वहीं सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) जेनरेटर के लिए डीजल नहीं मिलने की वजह से प्रतिस्पर्द्धा में काफी पिछड़ती जा रही है़
गढ़वा जिले में बीएसएनएल की खराब स्थिति की वजह से इसके उपभोक्ताओं की संख्या गिनती के रह गये है़ं अन्य निजी कंपनियों की तरह बेहतर नेटवर्क नहीं दे पाने की वजह से लोग बीएसएनएल का सिम रखना बोझ मानने लगे है़ं गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र जहां सिर्फ बीएसएनएल का ही टावर लगा हुआ है और अन्य नेटवर्कों से प्रतिस्पर्द्धा का सामना नहीं करना पड़ा रहा है़
वहां भी बीएसएनएल लोगों को लाभ नहीं दे पा रहा है़ गढ़वा जिले में बीएसएनएल के खराब नेटवर्क की मुख्य वजह बिजली समस्या है़ बताया जाता है कि बिजली नहीं रहने पर नेटवर्क बाधित हो जाता है़ जबकि बिजली आने पर नेटवर्क में सुधार हो जाता है़ बिजली नहीं रहने पर विकल्प के रूप में विभाग के सभी टावरों के लिए जेनरेटर उपलब्ध कराये गये है़ं लेकिन बताया जाता है कि जेनरेटर के लिए डीजल उपलब्ध नहीं कराया जाता है़ इस वजह से बिजली कटने पर नेटवर्क बाधित होने पर उसे चालू नहीं किया जाता है़.उल्लेखनीय है कि गढ़वा जिले में औसतन 10 घंटे भी बिजली नहीं रहती है़ ग्रामीण क्षेत्रों में औसत और भी कम है़
इन प्रखंडों में है नेटवर्क की बड़ी समस्या
जिले के भंडरिया, बड़गड़ व चिनियां प्रखंड में बीएसएनएल का एकाधिकार है़ इसके बावजूद यहां बीएसएनएल की स्थिति लचर है़ इसके अलावे अन्य प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में भी बीएसएनएल का एकाधिकार है़ नेटवर्क नहीं रहने की वजह से मोबाइल से बातचीत बाधित होने के अलावे इंटरनेट सेवा से जुड़े कार्य, बायोमैट्रिक उपस्थिति बनाने, योजनाओं का जीपीएस करने आदि से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे है़ं
बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति सही नहीं है : सहायक अभियंता
इस संबंध में दूरसंचार विभाग के सहायक अभियंता ने उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि झारखंड सरकार की ओर से पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण तथा विभाग की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण पर्याप्त तेल नहीं मिल पाता है़ इस कारण से नेटवर्क कभी-कभी बाधित रहता है़ उन्होंने पत्र में लिखा है कि बिजली एवं तेल विभाग को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके इसके लिए प्रयास किया जा रहा है़
