भारत एकता मिशन (भीम आर्मी)का आरक्षण बचाओ महासम्मेलन, जुल्म करना व सहना दोनों ही गलत

गढ़वा: भारत एकता मिशन (भीम आर्मी) ने रविवार को आरक्षण बचाओ महासम्मेलन का आयोजन स्थानीय गोविंद उवि के मैदान में किया गया़ इस मौके पर बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते करुणाकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे़ सम्मेलन की अध्यक्षता जिला संयोजक नान्हु राम ने की़ इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते […]

गढ़वा: भारत एकता मिशन (भीम आर्मी) ने रविवार को आरक्षण बचाओ महासम्मेलन का आयोजन स्थानीय गोविंद उवि के मैदान में किया गया़ इस मौके पर बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते करुणाकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे़ सम्मेलन की अध्यक्षता जिला संयोजक नान्हु राम ने की़ इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भंते करूणाकर ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के ऊपर दलित एवं मुसलमानों का भरोसा नहीं है़ इस समाज के लोग इस सरकार से आतंकित व भयभीत हैं.

सारे देश में दलित, मुसलिम, पिछड़ों पर जुल्म हो रहा है़ उन्होंने कहा कि भीम आर्मी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है. न ही भविष्य में कभी यह संगठन चुनाव में हिस्सा लेगा़ भीम आर्मी किसी जाति या धर्म का भी विरोधी नहीं है़ इसके गठन का उद्देश्य दलित, मुसलिम व पिछड़ों के सामाजिक जागरण व उत्थान करना है़ भारत देश में जातिवाद, ऊंच-नीच, छूआछुत को खत्म करने के लिए व संघर्ष कर रहे हैं.

जो लोग इस सामाजिक बुराई को खत्म करने में उनका साथ देंगे, वे उनके साथ हैं. उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पढ़ायें और आगे बढ़ाये. जो दलितों का सम्मान कर रहा है, उनका सम्मान करें और बाबा साहेब भीमराब अांबडेकर द्वारा रचित संविधान के प्रति विश्वास जताते हुए उसी संविधान का अनुसरण करें. किसी पर जुल्म करना गलत है़ लेकिन जुल्म सहना भी उतना ही गलत है़.

इसके पूर्व कार्यक्रम का उदघाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया़ कार्यक्रम का संचालन युसूफ रजा ने किया़ इस अवसर पर उपरोक्त के अलावे ओपी चंद्रा, मुखराम भारती, विरेंद्र राम, अनिल राम, मनीष राम, मुकेश कुमार, शंकर राम, मोहन राम, याकूब खान, शमुशद्दीन अंसारी, आजाद खान, ऐनुल खान, सुनीता कुंवर, आरती कुमारी, सुषमा मेहता आदि ने भी विचार रखे़ भीम आर्मी द्वारा आयोजित इस जिलास्तरीय सम्मेलन से गढ़वा जिले के दलित नेताओं की दूरी देखी गयी़ लंबे समय से अनुसूचित जाति, जनजाति आदि के लिए काम करते आ रहे नेता व सामाजिक कार्यकर्ता इस सम्मेलन से नदारत रहे़ इसके अलावा गढ़वा जिले के अजा व अजजा से संबंधित जनप्रतिनिधि भी सम्मेलन में नहीं दिखे़ उल्लेखनीय है कि बसपा ने पहले से ही इस कार्यक्रम से स्वयं को अलग कर लिया था़ इसके बावजूद सम्मेलन में श्रोताओं की उपस्थित सम्मानजनक रही़.

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