लेकिन प्रसव होने के बाद नवजात बच्चे की स्थिति भी काफी खराब हो गयी़ इस बीच स्थानीय विधायक भानु प्रताप शाही की पहल पर एक बोलेरो से महिला एवं बच्चे को इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल लाया गया़ समाचार के अनुसार भवनाथपुर रेलवे साइडिंग निवासी दिनेश कुमार ने अपनी गर्भवती पत्नी आरती देवी को शुक्रवार की दोपहर 11 बजे सुरक्षित प्रसव हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवनाथपुर में भर्ती कराया था़ प्रारंभ में नर्स अगरथा ने सामान्य प्रसव होने की बात कही.
जिस कारण प्रसूता महिला के साथ उसके परिजन भी अस्पताल में ही रहे. लगभग 14 घंटे के बाद मरीज की गंभीर स्थिति देखते हुए नर्स ने रात्रि 11बजे मरीज के परिजन को गढ़वा ले जाने की सलाह दी़ लेकिन वहां के अस्पताल के एंबुलेंस का चालक ने स्वयं को थका हुआ बताते हुए एंबुलेंस से मरीज को लाने से इनकार कर दिया़ एक बजे रात तक महिला गंभीर स्थिति में अस्पताल में तड़पती रही, लेकिन रात में वाहन का दूसरा इंतजाम भी नहीं हो पाया़ मरीज के परिजनों ने इसकी सूचना विधायक भानु प्रताप शाही को दी, जहां से एक बोलेरो भेजा गया़ लेकिन तब तक महिला को प्रसव हो चुका था़ लेकिन नवजात बच्चा की स्थिति बिगड़ने लगी़ विधायक द्वारा भेजे गये बोलेरो से गढ़वा लाया गया़ इस संबंध में एंबुलेंस चालक सिम्प्रियन ने बताया कि वह तुरंत ही दूसरे मरीज को गढ़वा छोड़कर आये थे़ थके होने के कारण नही जा सके. वहीं चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि परिजन को दूसरे चालक से गढ़वा भेजने की बात कहा गया था,किंतु तबतक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया था.
