गढ़वा: पार्श्व गायक किशोर कुमार की 30 वीं पुण्यतिथि पर एक शाम किशोर के नाम संगीतमयी कार्यक्रम का आयोजन संगीतकला महाविद्यालय एवम मेलोडी इंटरटेनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में तारामण्डपम परिसर में आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन नप अध्यक्ष पिंकी केसरी, उपाध्यक्ष अनिल पांडेय, भाजपा नेता अलखनाथ पांडेय, सीओ बैजनाथ कामती, डॉ यासीन अंसारी, नंद कुमार गुप्ता, डॉ आलोक तिवारी ने किशोर कुमार के तसवीर पर माल्यार्पण कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत विजय प्रताप देव द्वारा एकल गीत चला जाता हूं… और कृति के साथ युगल गीत मैं तेरे प्यार में पागल.. दिल्लगी ने दी हवा .. गीत गाकर किशोर की यादों को ताजा कर दिया. अनिल कुमार ने एकल गीत तेरे चेहरे में वो जादू है.. दीपमाला के साथ युगल गीत नैनों में सपना … ऋतु के साथ ..कह दू तुम्हें …गीत गाकर लोगों की वाहवाही ली. उमेश विश्वकर्मा द्वारा एकल गीत दिल क्या करे.
..युगल गीत करवटे बदलते रहे .. कोरा कागज था .. पलक तिवारी के साथ जिंदगी प्यार का गीत है..गीत गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया. गोपाल कश्यप ने एकल गीत भोले वो भोले…युगल गीत जिसका मुझे था इन्तजार.. नैना के साथ पल पल दिल के पास..कृति के साथ तोता मैना की कहानी …गीत गाकर लोगों की तालियां बटोरी. दयाशंकर गुप्ता ने एकल गीत मेरे सपनों की रानी …. युगल गीत जाने जा ढूढता फिर रहा…प्रीति तिवारी के साथ प्यार में दिल पे मार दे गोली… गीत गाकर श्रोताओंको झूमने पर मजबूर कर दिया.
वही बसंत रवि ने एकल गीत आज उनसे पहली मुलाकात होगी..तथा युगल गीत कृति के साथ शोखियों में घोला जाए ..गीत गाया. जबकि किशोर अम्बष्ठ ने अरे दीवानों..युगल गीत दीपमाला के साथ गाता रहे मेरा दिल.. प्रो कमलेश सिन्हा के द्वारा चलते चलते मेरा ये गीत याद रखना …गीत गाकर लोगो को भावविभोर कर दिया. कार्यक्रम का संचालन मिथलेश सिन्हा एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सुबोध कुमार वर्मा के द्वारा किया गया़ प्रमोद सोनी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में संतोष केशरी, गुरु दत्त, अमित तिवारी, कंचन साहू, सुरेंद्र विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा,शशि शेखर गुप्ता,प्रदीप राम, परशुराम प्रसाद, उषा देवी, जया तिवारी आदि उपस्थित थे़.
