उन्होंने दोनों समुदाय के लोगों से घटना की जानकारी ली. पदाधिकारियों ने इस दौरान प्रत्यक्षदर्शियों का मौखिक एवं लिखित बयान लिया. इसमें धुरकी निवासी ललिता सिंह, विवेक सिंह, छोटू सिंह, जयप्रकाश साव, मुंद्रिका राम, कुदुस अंसारी, अब्दुला अंसारी एवं नसीम अंसारी का लिखित बयान लिया गया. बयान लेने के बाद एसडीओ कमलेश्वर नारायण ने कहा कि कथित लाठी चार्ज के विषय में लोगों से बयान लिया गया है. अभी कई अन्य विंदुओं पर जांच करना बाकी है.
घटना की पूरी जांच करने के बाद ही इसकी रिपोर्ट वरीय पदाधिकारियों को दी जायेगी. इसमें जो लोग भी दोषी पाये जायेंगे, उनके विरुद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई की जायेगी. विदित हो कि दशहरा के दूसरे दिन एक अक्तबर को प्रतिमा विसर्जन के दौरान धुरकी थाना प्रभारी एनके राम के नेतृत्व में वहां शांति व्यवस्था के लिए मौजूद पुलिस बल ने लाठी चार्ज किया था. इसमें कई लोगों को चोटिल हुए थे. इससे विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों का पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश भड़क गया था. प्रशासन के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोग काफी गुस्से हो गये थे. इस घटना के विरोध में प्रतिमा को कर्पूरी चौपाल पर ही रखकर विसर्जन रोक दिया गया था. उपस्थित भीड़ मौके पर गढ़वा एसपी को तुरंत पहुंचने और दोषी थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग कर रही थी.
