पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन

दोषियों पर कार्रवाई की मांग गढ़वा : झाविमो सुप्रीमो सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि जतपुरा गोलीकांड की घटना नियम का उल्लंघन कर बालू का उठाव करने का परिणाम है. यदि जतपुरा बांकी नदी घाट से बालू का उठाव नियम संगत किया जाता, तो ऐसी घटना नहीं घटती. श्री मरांडी जतपुरा गांव […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 9, 2017 8:50 AM
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
गढ़वा : झाविमो सुप्रीमो सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि जतपुरा गोलीकांड की घटना नियम का उल्लंघन कर बालू का उठाव करने का परिणाम है. यदि जतपुरा बांकी नदी घाट से बालू का उठाव नियम संगत किया जाता, तो ऐसी घटना नहीं घटती. श्री मरांडी जतपुरा गांव में बांकी नदी घाट पर हुए गोलीकांड की घटना की जांच कर गढ़वा लौटने के बाद गुरुवार की सुबह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. इस दौरान श्री मरांडी ने कहा कि नगरऊंटारी के एसडीओ ने पिछले 11 अप्रैल को ही जतपुरा बांकी नदी घाट से हो रहे बालू के उठाव के संबंध में जांच कर अपनी रिपोर्ट गढ़वा उपायुक्त को दे दिया था. इसमें एसडीओ ने कहा था कि जतपुरा बांकी नदी घाट से बालू का उठाव नियम संगत नहीं किया जा रहा है.
इसमें जहां बालू का उठाव जिधर-तिधर किये जाने, पर्यावरण का ख्याल नहीं करने, मशीन का उपयोग करने आदि का उल्लेख किया गया था. लेकिन इस रिपोर्ट के बाद भी वहां अवैध रूप से बालू का उठाव जारी रहा. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका दो ही अर्थ निकलता है कि अवैध बालू उठाव में गढ़वा प्रशासन मिला हुआ था अथवा सीधे रूप से सरकार ही शामिल थी.
उन्होंने कहा कि इस गोलीकांड में दोषी पदाधिकारियों को दंडित करना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए. यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो उनकी पार्टी इसके लिए आंदोलन करेगी. यह आंदोलन पीड़ितों को हक दिलाने तक जारी रहेगा. श्री मरांडी ने झारखंड सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुये एक-एक मुद्दे पर दोनों ही सरकारों को पूरी तरह से विफल बताया. सीएनटी-एसपीटी एक्ट का कड़े शब्दों में विरोध किया. पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी, शोभा यादव, सूरज कुमार गुप्ता, अर्चना प्रकाश, नेसार अहमद, विजय केसरी सहित अन्य उपस्थित थे.