गढ़वा : सगमा प्रखंड के सहायक सह नाजिर हरिहर राम को गबन के मामले में बरखास्त कर दिया गया है़ उन पर मझिआंव प्रखंड में नाजिर पद पर कार्य करने के दौरान 19.35 लाख रुपये के गबन का आरोप था़ तत्कालीन बीडीओ गुलाम समदानी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी़ जांच में उन्हें दोषी पाया गया. विभागीय कार्यवाही पूरी होने के बाद हरिहर राम को वर्तमान उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा ने बरखास्त कर दिया है़
क्या है मामला : आरोप है िक 2012 में हरिहर राम ने मझिआंव में 19.35 लाख रुपये का गबन िकया था. बीडीओ का फरजी हस्ताक्षर बनाकर एसबीआइ के दो सरकारी खाता से 17.85 लाख व 1.50 लाख रुपये की निकासी नाजिर द्वारा कर ली गयी थी़ उसने पांच हजार के चेक के आगे 10 लिख कर फरजी तरीके से 105000 रुपये की निकासी कर ली थी़ निकासी के क्रम में उसने न तो रोकड़ बही संधारित किया था थी और न ही काटे गये चेकबुक को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया था.
