जादूगोड़ा.
जादूगोड़ा का इचड़ा गांव इस बार भी दशहरे के मौके पर पूरे क्षेत्र का केंद्र बनेगा, यह इकलौता गांव है, जहां परंपरागत रूप से रावण दहन किया जाता है. श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा, लक्ष्मी एवं काली पूजा समिति, इचड़ा द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर है. इस बार श्रद्धालुओं के लिए भव्य आकर्षण रावण दहन होगा.कमेटी के सचिव रूपक मंडल ने बताया पंडाल का निर्माण पूरी तरह इको-फ्रेंडली तरीके से किया जा रहा है. इसमें बांस, कपड़ा और फोम का इस्तेमाल किया जा रहा है. मजदूर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि समय से पहले पंडाल का निर्माण हो सके. समिति के सदस्य गोपाल भगत ने बताया कि वर्ष 1996 से यहां लगातार भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है.तीन अक्तूबर को होगा रावण दहन
इस वर्ष 3 अक्टूबर की शाम 7:00 बजे रावण दहन का आयोजन किया जायेगा. इस मौके पर आसपास के गांवों और इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे. हिंदू परंपरा के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंका के राजा रावण का अंत कर माता सीता को बंधन से मुक्त कराया था. परंपरा के तहत रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जायेगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक इस बार दशहरा के दिन रवि योग, सुकर्मा योग, धृति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संगम रहेगा, जिससे इस बार का रावण दहन और भी खास होगा. प्रदोषकाल में यानी सूर्यास्त के बाद रावण दहन की परंपरा निभाई जाएगी. इस वर्ष सूर्यास्त शाम 6:05 बजे होगा, जिसके तुरंत बाद दहन कार्यक्रम शुरू होगा.पूजा समिति के पदाधिकारी
अध्यक्ष सोमश मंडल, उपाध्यक्ष तुलसी भगत, सचिव रूपक कुमार मंडल, संयुक्त सचिव शेखर मंडल, कोषाध्यक्ष मनोज मंडल, सहयोगी सदस्य सुभाष मंडल, वी. सिंह, विशाल पात्रो, सागर डे, शिवनाथ मंडल सहित अन्य शामिल है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
