मुसाबनी
. लटिया-डुंगरीडीह से बागजाता माइंस गेट तक लगभग तीन किलोमीटर सड़क पिछले एक दशक से बदहाल है. सड़क की स्थिति इतनी जर्जर है कि हल्की बारिश में यह तालाब का रूप ले लेती है. इससे लटिया, बाकड़ा और मदन टोला सहित करीब आधा दर्जन गांवों की बड़ी आबादी प्रभावित है, जिन्हें हर दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है. सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 24 फरवरी 2025 को 6 किलोमीटर पैदल मार्च निकाल कर प्रखंड कार्यालय पर धरना दिया था. उस समय प्रशासन ने जल्द मरम्मत का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन 15 महीने बीत जाने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ. जर्जर सड़क और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को हो रही है.अतिक्रमण की मापी में प्रशासनिक सुस्ती:
हाल में अंचल अधिकारी (सीओ) ने 29 और 30 अप्रैल 2026 को सड़क किनारे अतिक्रमण की मापी का आदेश दिया था. ग्रामीण पूरी तैयारी के साथ इंतजार करते रहे, लेकिन निर्धारित तिथि पर राजस्व कर्मचारी और अमीन नहीं पहुंचे. इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है. हालांकि, सीओ ने अब इसे ””””टॉप प्रायोरिटी”””” बताते हुए जल्द नयी तिथि जारी करने का वादा किया है.
