East Singhbhum News : प्रखंड कार्यालय में गंदगी व अव्यवस्था देख भड़के डीसी, कहा- कार्यशैली सुधारें

घाटशिला. डीसी ने किया औचक निरीक्षण, जनता को राहत देने पर जोर

घाटशिला

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पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (डीसी) राजीव रंजन ने गुरुवार को घाटशिला प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कार्यालय की बदहाल साफ-सफाई और फाइलों के अव्यवस्थित रख-रखाव को देखकर कड़ी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने बीडीओ और सीओ को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान डीसी ने पाया कि कार्यालय परिसर में चारों ओर गंदगी और झाड़ियां फैली हुई हैं. उन्होंने पैदल चलकर पूरे परिसर का जायजा लिया और कहा कि इतना भव्य भवन होने के बावजूद कार्यालय अस्थायी ढंग से संचालित होता प्रतीत हो रहा है. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी कार्यालयों को घर की तरह व्यवस्थित रखना चाहिए. डीसी ने बायोमेट्रिक उपस्थिति, पंजियों के संधारण और विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली की भी गहन जांच की.

अधूरे रजिस्टर और बायोमेट्रिक हाजिरी पर चेतावनी दी:

जांच में कई महत्वपूर्ण पंजियां (रजिस्टर) अपडेट नहीं मिलीं. योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड भी अस्त-व्यस्त पाये गये. उपायुक्त ने कर्मियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत देते हुए कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण शाखा की कर्मी सोमारी हांसदा से प्रक्रिया की जानकारी ली और निर्देश दिया कि आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें.

अनुमंडल अस्पताल की व्यवस्था संतोषजनक, कमी को दूर करने का आश्वासन:

प्रखंड कार्यालय में नाराजगी जताने के बाद उपायुक्त घाटशिला अनुमंडल अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने कुपोषण उपचार केंद्र, डायलिसिस सेंटर, प्रसव कक्ष और लैब आदि का निरीक्षण किया. मरीजों से फीडबैक लेने के बाद उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर संतोष जताया. डीसी ने कहा कि डॉक्टरों और संसाधनों की जो भी कमी है, उसे जल्द ही दूर किया जाएगा. निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, डीटीओ धनंजय कुमार, एसडीओ सुनील चंद्र, बीडीओ यूनिका शर्मा, सीओ निशात अंबर और चिकित्सा प्रभारी डॉ. आरएन सोरेन उपस्थित थे.

अधूरे आवासों को जल्द पूरा करें, सबरों को घर तक पहुंचायें राशन : डीसी

गालूडीह.

पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (डीसी) राजीव रंजन गुरुवार को घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत अंतर्गत हलुदबनी सबर बस्ती पहुंचे. उन्होंने विलुप्त होती आदिम जनजाति सबर परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना. उनके लिए स्वीकृत सरकारी आवासों के निर्माण कार्यों का जायजा लिया.

जर्जर और अधूरे आवासों पर ली जानकारी:

डीसी ने पाया कि कई सबर परिवारों के आवास अब भी अधूरे हैं, जबकि कुछ पुराने आवास अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं. उपायुक्त ने लाभुकों से बात कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि इन आवासों को जल्द से जल्द पूरा कर परिवारों को राहत दी जाए.

मनरेगा से आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर:

इसके बाद उपायुक्त धमकगोड़ा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मनरेगा के तहत संचालित आम बागवानी योजना का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए मनरेगा की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है. मौके पर डीडीसी नागेंद्र पासवान, डीटीओ धनंजय कुमार, एसडीओ सुनील चंद्र, बीडीओ यूनिका शर्मा, सीओ निशात अंबर और स्थानीय मुखिया मिर्जा हांसदा सहित अन्य मौजूद थे.

सबर बोले- घर तक नहीं पहुंचता राशन, मिला आश्वासन

बस्ती के सबरों ने कहा कि सरकार की ””डोर स्टेप डिलीवरी”” योजना के बावजूद राशन डीलर उनके घर तक अनाज नहीं पहुंचाता है. उन्हें खुद चलकर डीलर के पास जाना पड़ता है. डीसी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि राशन वितरण की व्यवस्था में सुधार कर घर तक अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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