East Singhbhum News : प्रयोगशाला के अनुसंधान को सीधे किसानों के खेत तक पहुंचाएं वैज्ञानिक : डॉ रमेश

बाजरा, ज्वार, मक्का और मड़ुआ की खेती को बढ़ावा देने पर जोर

गालूडीह. पूर्वी सिंहभूम जिले के दारीसाई स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार को 19वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की मैराथन बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में रांची बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के डीन पीजीएस डॉ रमेश कुमार शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत डॉ रमेश कुमार, डॉ एन. सलाम और केवीके की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सीमा सिंह ने की. बैठक का उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा करना तथा भविष्य की कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाना था.

काजू प्रोसेसिंग प्लांट से बदलेगी किसानों की किस्मत : डॉ रमेश

मौके पर डॉ रमेश कुमार ने कहा कि घाटशिला अनुमंडल विशेषकर चाकुलिया और बहरागोड़ा क्षेत्र में काजू की खेती की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रोसेसिंग यूनिट नहीं होने के कारण बाहर के लोग यहां से काजू ले जाकर लाभ कमाते हैं. यहां प्लांट लगने से स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी. जिले में पिछले वर्ष केवल 750 किसानों की मिट्टी जांच पर उन्होंने असंतोष जताया. कहा कि किसानों की संख्या के अनुपात में इस संख्या को बढ़ाने की जरूरत है. बैठक में मोटे अनाज जैसे बाजरा, ज्वार, मक्का और मड़ुआ की खेती को बढ़ावा देने पर गंभीर मंथन हुआ. कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा तैयार ””””बाजरा बार”””” उपस्थित वैज्ञानिकों और किसानों को खिलाया गया, जिसे सभी ने खूब पसंद किया.वैज्ञानिकों ने बताया कि बाजरा फाइबर, प्रोटीन और आयरन से भरपूर होता है, जो हृदय स्वास्थ्य और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में सहायक है. मशरूम उत्पादन में असीम संभावना है इसको बढ़ावा दें. इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ सीमा सिंह ने वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की रिपोर्ट प्रस्तुत करते वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों एवं विभिन्न गतिविधियों का पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया.

10 किसानों के बीच स्प्रे मशीन का वितरण :

बैठक के बाद कृषि विज्ञान केंद्र दारीसाई की ओर से विभिन्न प्रखंडों से आये 10 किसानों के बीच स्प्रे मशीन का निःशुल्क वितरण किया गया. कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ सीमा सिंह ने किसानों को स्प्रेयर मशीन के रख रखाव और उपयोग के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करना बहुत जरूरी होता है, और इसके लिए स्प्रे पंप मशीन एक आवश्यक उपकरण है. बैठक में डॉ रमेश कुमार, डॉ एन सलाम, डॉ सीमा सिंह, डॉ डी रजक, डॉ देबाशीष महतो, गोदरा मार्डी, डॉ शंभू शरण, डॉ पंकज सेठ, डॉ राकेश रंजन, सुरेंद्र सिंह मुंडा, डॉ लिली मैक्सिमा किस्पोट्टा, अमित टेटे, इपीओ, एनजीओ, नाबार्ड पूर्वी सिंहभूम के अधिकारी समेत कई किसान उपस्थित थे.

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Author: ATUL PATHAK

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