सरहुल को राजकीय पर्व घोषित करे राज्य सरकार : भाजमो

आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग जैसे समस्या से जूझ रही है. लोगों को प्रकृति से प्रेम करने पाठ पढ़ाया जा रहा है. ऐसे में प्रकृति की उपासना का महापर्व लोगों को प्रकृति से प्रेम करना सीखा रहा है. इसलिए आदिवासी-मूलवासी समाज ने सरहूल को राजकीय पर्व घोषित करने की मांग उठायी है. ताकि प्रकृति के प्रति लोगों का आस्था व प्रेम बढ़े.

जमशेदपुर.

आदिवासी-मूलवासी समाज 11 अप्रैल को सरहुल पर्व मनायेगा. भारतीय जनतंत्र मोर्चा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश कोया ने सरहुल को राजकीय पर्व घोषित करने की मांग की है. कोया ने बताया कि यह पर्व प्रकृति से प्रेम करने की सीख देता है. पड़ोसी राज्य बिहार ने सरहुल को राजकीय पर्व घोषित कर चुका है, जबकि आदिवासी-मूलवासियों की संख्या वहां बहुत कम है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >