गालूडीह.
वर्ष 1969 में स्थापित महुलिया हाई स्कूल को वर्ष 2023 में प्लस टू का दर्जा तो मिल गया, लेकिन शिक्षा विभाग यहां शिक्षक नियुक्त करना भूल गया. विभागीय उपेक्षा और शिक्षकों की घोर कमी के बावजूद, विद्यालय के पहले इंटरमीडिएट (12वीं) बैच के विद्यार्थियों ने अपने जज्बे से शानदार सफलता हासिल की है. कला संकाय में कुल 50 विद्यार्थियों ने सफलता का परचम लहराया है. हैरानी की बात यह है कि प्लस टू दर्जा मिलने के दो साल बाद भी यहां स्वतंत्र रूप से प्लस टू शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है. हाई स्कूल के शिक्षक ही इंटर के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं. वर्तमान में नवीन कुमार मुर्मू (इतिहास), अनिल कुमार चौधरी (गणित व फिजिक्स), मुरारी सिंह (नागरिक शास्त्र) और पीजीटी शिक्षक दीपक साव किसी तरह कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं. विद्यालय में 9वीं और 10वीं में कुल 465 विद्यार्थी हैं, जिनके लिए मात्र आठ शिक्षक उपलब्ध हैं.बेटियों ने मारी बाजी, श्रेया दास बनीं स्कूल टॉपर
इंटरमीडिएट कला संकाय के परीक्षा परिणाम में छात्राओं का दबदबा रहा. श्रेया दास ने 85.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. वहीं, जीरामनी सिंह 78.6 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय और साधना बेसरा 77.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय टॉपर बनी हैं. वर्ष 2026 में इस विद्यालय से 12वीं का यह पहला सफल बैच निकला है.
