जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम समेत राज्य मेंरैयती जमीन की खरीद-बिक्री का म्यूटेशन करवाना आज भी चुनौती है. ऑनलाइन म्यूटेशन में पूर्वी सिंहभूम जिले की बात करें, तो 12 अंचल में 1,226 आवेदन पिछले तीन माह (पहली जनवरी से 5 मार्च 2025 तक) से लंबित पड़े हुए हैं. हालांकि 30 दिन की समय सीमा के अंदर म्यूटेशन नहीं करा पाने के नाम पर आवेदन में दस्तावेज पूरा नहीं होने और अन्य त्रुटियों बताकर 1,069 आवेदन ऑनलाइन रद्द करने की कार्रवाई की गयी है.
सबसे ज्यादा लंबित मामला जमशेदपुर अंचल का
सूत्रों के मुताबिक सबसे ज्यादा लंबित मामला जमशेदपुर अंचल का है. इसी अंचल में सबसे ज्यादा म्यूटेशन का ऑनलाइन आवेदन भी रद्द किये गये हैं. दूसरी ओर ऑनलाइन सिस्टम से म्यूटेशन मेंपारदर्शिता तो आयी है, लेकिन कागज कंप्लीट करने के नाम पर 30 दिन की जो समय सीमा दी जा रही है उस दौरान कार्यालय के कर्मचारी से लेकर आसपास घूम रहे दलाल वसूली कर रहे हैं.
पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी : Health: बढ़ रहा है देश में मोटे लोगों का प्रतिशत, जानिए क्या कहती है रिपोर्ट
म्यूटेशन ओके करवाने के नाम पर हो रही वसूली
म्यूटेशन करवाने के नाम पर आवेदन को ओके करवाने के नाम पर की जा रही वसूली. दलाल से लेकर अंचल में संचालित सिंडिकेट से जुड़े लोगों तक पहुंच रही है. अगर राशि मिलने में देरी या किंत‐परंतु होती है तो पेपर अधूरा बताकर आवेदन रद्द होने की बात सिंडेकेड के में आवेदन करने वाले के पास पहुंचा देते हैं. ये सबकुछ रूटीन की तरह संचालित हो रहा है.
क्या कहते हैं संबंधित अधिकारी
जमशेदपुर अंचल में ज्यादा प्लैट के म्यूटेशन के आवेदन के कारण रद्द किये गये हैं. इसमें जरूरी दस्तावेज, खाता, प्लांट संख्या, स्पष्ट रजिस्ट्री में शामिल नहीं किये जाने की वजह से रद्द किये गये हैं. जहां तक आवेदन लंबित रखने का मामला है तो अधिकतर मामले 30 दिनों के अंदर के हैं.
मनोज कुमार, अंचलाधिकारी, जमशेदपुर
