Jharkhand: चकुलिया के राजाबासा जंगल पहुंचा 40-50 हाथियों का झुंड, आधा दर्जन गांव के लोग दहशत में

Jharkhand News: पूर्वी सिंहभूम के चकुलिया में 40-50 हाथियों के झुंड ने करीब आधा दर्जन गांवों में दहशत मचा रखी है. लोग अंधेरा होते ही घर में दुबक जा रहे हैं.

Jharkhand News: पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में जंगली हाथियों के आतंक से करीब आधा दर्जन गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं. कलियाम पंचायत की राजाबासा जंगल में 40 से 50 जंगली हाथियों का झुंड आ पहुंचा है. इतनी अधिक संख्या में हाथियों के आ जाने से राजाबासा, जमुआ, माचडीहा, शानघाटी, मौरबेड़ा समेत कई गांवों में दहशत का माहौल है.

Jharkhand: भोजन की तलाश में गांव में आ जाते हैं हाथी

ग्रामीणों ने बताया कि शाम होते ही हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर गांव में प्रवेश कर रहा है. जंगल और खेत में हाथियों को भोजन नहीं मिलने की वजह से हाथी भोजन की तलाश में गांव में आ जा रहे हैं. क्षेत्र के लोगों ने बिजली विभाग से आग्रह किया है कि रात में राजाबासा से सटे गांवों में बिजली की कटौती न करें. रात में घर के बाहर बिजली का बल्ब जलने से हाथी घरों तक आने से कतराते हैं.

बिजली नहीं होने पर अंधेरे का फायदा उठाकर उत्पात मचाते हैं हाथी

बिजली नहीं रहने पर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली हाथी गांव में आ जाते हैं और घरों में घुसकर अनाज खा जाते हैं. इस परिस्थिति में घरों के क्षतिग्रस्त होने तथा जान-माल के नुकसान की संभावना काफी अधिक हो जाती है. एक तरफ दर्जनों जंगली हाथियों का झुंड और दूसरी ओर इकलौता रामलाल हाथी दिन भर ग्रामीणों को परेशान कर रहा है.

एफसीआई गोदाम के पास एक बगान की दीवार को किया क्षतिग्रस्त

लोगों का कहना है कि शाम होते ही सभी लोग घरों में दुबक जा कर रहे हैं. जमुआ पंचायत के पूर्व मुखिया प्रभास हांसदा ने बताया कि रात में यदि किसी ग्रामीण की तबीयत खराब हो जाए, तो जंगली हाथियों के भय से उन्हें अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है. इस बीच एक जंगली हाथी ने चाकुलिया एफसीआई गोदाम के समीप स्थित सुशील शर्मा के बगीचे की दीवार को कई जगह ध्वस्त कर दिया.

हाथी से बचने के लिए छत पर चढ़ने के दौरान गिरकर घायल

बड़ामारा पंचायत के मुंढाल गांव में 3 जंगली हाथी आ पहुंचे थे. जंगली हाथियों के हमले से बचने के लिए डरकर छत पर चढ़ रहा एक व्यक्ति नंदलाल गिरि गिरकर घायल हो गया. परिजनों ने उसे तत्काल चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए झाड़ग्राम रेफर कर दिया गया.

हरिनिया में जंगली हाथी ने तोड़ा गाय का घर

जमुआ पंचायत स्थित हरिनिया गांव में अचानक पहुंचे जंगली हाथी ने राम हांसदा की गाय के घर को ध्वस्त कर दिया. जंगली हाथी ने राम हांसदा के निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास की दीवार को भी कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके अलावा उसके घर में रखी धान झाड़ने की मशीन और साइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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