धालभूमगढ़. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धालभूमगढ़ में शनिवार को मासिक एएनसी जांच शिविर में धालभूमगढ़ और गुड़ाबांदा की लगभग 150 गर्भवती महिलाएं पहुंचीं. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत होने वाली इस महत्वपूर्ण जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई. शिविर में पहुंचीं महिलाओं के लिए न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी और शौचालय की सुविधा थी. गर्भावस्था के दौरान जरूरी ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और बीपी जांच के लिए महिलाओं को चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ा. स्थिति तब और गंभीर हो गयी जब पता चला कि चिकित्सा प्रभारी समेत कई मुख्य कर्मचारी जिला स्तरीय बैठक में गये हुए थे, जिससे अव्यवस्थाओं को संभालने वाला कोई नहीं था.
अविलंब शौचालय की सफाई व पेयजल सुनिश्चित करे प्रबंधन : एसडीओ
घाटशिला के एसडीओ सुनील चंद्र, एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर, बीडीओ बबली कुमारी और सीओ मनोहर लिंडा ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. महिलाओं की दुर्दशा और अस्पताल परिसर में पसरी गंदगी को देखकर एसडीओ ने गहरी नाराजगी जतायी. उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि दो महिला चिकित्सक अलग-अलग लाइन बनाकर जांच करें, तो प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकती है. एसडीओ ने प्रबंधन को अविलंब शौचालय की सफाई कराने का निर्देश दिया.
