सुरदा माइंस : वन भूमि को पर्यावरण स्वीकृति के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल

एचसीएल :65 हेक्टेयर वन भूमि की पर्यावरणीय स्वीकृति पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण समिति ने 30 को की बैठक

मुसाबनी.

एचसीएल की सुरदा माइंस के 65 हेक्टेयर वन भूमि के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति के मामले को लेकर 30 अप्रैल को नयी दिल्ली में केंद्रीय वन और पर्यावरण समिति की बैठक में चर्चा हुई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक समिति की बैठक में सुरदा माइंस की वन भूमि के पर्यावरण स्वीकृति के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल हुई है. पर्यावरणीय समिति के बैठक के बाद सुरदा माइंस की वन भूमि के पर्यावरण स्वीकृति का मामला वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव के पास भेजा जायेगा. इसके बाद मंत्रालय से स्वीकृति के बाद सुरदा माइंस को स्टेज वन की पर्यावरण स्वीकृति मिलेगी. सुरदा माइंस के 65 हेक्टेयर वन भूमि के पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने का मामला आगे बढ़ा है. आने वाले दिनों में मामले के सुलझने की उम्मीद है.

मालूम हो कि सुरदा माइंस के 65 हेक्टेयर वन भूमि की पर्यावरणीय स्वीकृति के मामले की जांच के लिए वन पर्यावरण विभाग के डीआईजी एसके पाठक, डीएफओ ममता प्रियदर्शनी के साथ 20 अप्रैल को सुरदा माइंस का दौरा कर 65 हेक्टेयर वन भूमि का निरीक्षण किया था. डीआईजी के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा गया. वहीं, डीआइजी की रिपोर्ट को लेकर चर्चा कर इसे मंत्रालय को भेज दिया गया.

माइनिंग चालान की स्वीकृति से खत्म होगा गतिरोध

गौरतलब हो कि सुरदा माइंस के 65 हेक्टेयर वन भूमि का पर्यावरण स्वीकृति मिलने के बाद सुरदा माइंस में जारी माइनिंग चालान के गतिरोध के समाधान का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा. माइनिंग चालान मिलने पर सुरदा माइंस के संचालन का काम फिर से शुरू होगा. इससे मजदूरों को रोजगार मिलेगा. एचसीएल प्रबंधन सुरदा माइंस के लिए आवश्यक स्टेज वन के तहत 65 हेक्टेयर वन भूमि के पर्यावरण स्वीकृति के लिए प्रयासरत है. सुरदा माइंस के 385 हेक्टेयर लीज राज्य सरकार द्वारा 20 वर्ष के लिए दिया गया है. लीज क्षेत्र और पर्यावरण स्वीकृति क्षेत्र के बीच अंतर के कारण सुरदा माइंस के संचालन के लिए माइनिंग चालान का मामला अटका है. लीज क्षेत्र में 65 हेक्टेयर वन भूमि है. इसकी पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिली है. एचसीएल 65 हेक्टेयर वन भूमि के पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन दिया है. ताकि सुरदा माइंस में जारी गतिरोध का समाधान हो और माइनिंग का काम जल्द चालू हो सके.

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