पोटका.
पोटका प्रखंड के कोवाली थाना क्षेत्र के हेंसड़ा गांव निवासी करण बेरा ने एसएसपी पीयूष पांडेय को आवेदन देकर कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव पर अपने पिता श्यामा प्रसाद बेरा के साथ बेरहमी से मारपीट करने, एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने और झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया है.आधी रात को घर से उठाकर थाना ले जाने का आरोप
करण बेरा ने एसएसपी को दिये आवेदन में बताया कि उनके 50 वर्षीय पिता श्यामा प्रसाद बेरा लंबे समय से शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने में भी भारी परेशानी होती है. शिकायत के मुताबिक, 06 जून की रात करीब 12 बजे कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे. उनके पिता पर गांजा का अवैध कारोबार करने का आरोप लगाया और उन्हें अपने साथ कोवाली थाना ले गये. करण बेरा का आरोप है कि घटना के बाद जब वे अपने भाइयों के साथ रात में कोवाली थाना पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि थाना प्रभारी उनके पिता को बेरहमी से पीट रहे थे. मारपीट और उनके पिता के दर्द से कराहने की आवाज थाना परिसर के बाहर तक साफ सुनाई दे रही थी. जब हमलोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, तो थाना प्रभारी ने गाली-गलौज की और डांटकर भगा दिया.अगले दिन अस्पताल में भर्ती मिले पिता
अगले दिन सुबह जब हमलोग थाना पहुंचे, तो पता चला कि पिता को पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. अस्पताल में पिता को स्लाइन चढ़ायी जा रही थी. पीड़ित पिता ने रोते हुए बेटों को बताया कि पुलिस ने रातभर उनकी पिटाई की है, जिससे उनका शुगर और बीपी काफी बढ़ गया और हालत बिगड़ने पर पुलिस को उन्हें अस्पताल लाना पड़ा.
मामला रफा-दफा करने के लिए एक लाख रुपये मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आवेदन में साफ तौर पर आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव द्वारा मामले को दबाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की जा रही है. रकम नहीं देने पर उनके पिता को गांजा के झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी दी जा रही है. करण बेरा ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय की गुहार लगायी है. इस शिकायत की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीआइजी कोल्हान और डीएसपी मुसाबनी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गयी है.कोट
अवैध गांजा कारोबार में संलिप्तता की सूचना मिलने के बाद श्यामा प्रसाद बेरा को पूछताछ के लिए थाना लाया गया है. यहां उनसे नियमानुसार पूछताछ की जा रही है. परिजनों द्वारा मारपीट करने और पैसे मांगने के जो भी आरोप लगाये जा रहे हैं, वे पूरी तरह झूठे और निराधार हैं. –
