East Singhbhum News : ग्राम प्रधानों के प्रशिक्षण को अवैध बता माझी परगना महाल ने किया बहिष्कार

पेसा नियमावली के उल्लंघन का आरोप, प्रशिक्षण पर रोक की मांग

घाटशिला. जमशेदपुर प्रखंड विकास कार्यालय में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों के लिए आयोजित प्रशिक्षण का मंगलवार को माझी परगना महाल से जुड़े पारंपरिक अगुवाओं ने कड़ा विरोध किया. धाड़ दिशोम देश पारानिक बाबा दुर्गा चरण मुर्मू के नेतृत्व में माझी बाबा, परगना बाबा, हातु मुंडा और मानकी बाबाओं ने प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम का बहिष्कार किया. निजी संस्था से प्रशिक्षण देने पर अविलंब रोक लगाने की मांग की. दुर्गा चरण मुर्मू ने कहा कि पेसा नियमावली 2025 के तहत अब तक पारंपरिक ग्राम सभाओं का सीमांकन और विधिवत सत्यापन नहीं किया गया है. ऐसी स्थिति में किसी निजी संस्था (पॉजिटिव मंत्रा कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड) से प्रशिक्षण देना गैरकानूनी है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल विभागीय राशि के दुरुपयोग का जरिया है. उन्होंने आपत्ति जतायी कि प्रशिक्षण की सूचना किसी भी पारंपरिक स्वशासन प्रमुख को नहीं दी गयी.

तिलका माझी की जयंती पर कार्यक्रम रखने से रोष

पारंपरिक अगुवाओं ने कहा कि प्रशासन ने प्रशिक्षण के लिए 11 फरवरी की तिथि चुनी है, जबकि इसी दिन पूरा आदिवासी समाज वीर शहीद बाबा तिलका माझी की जयंती मनाता है. शहीद की जयंती के दिन ऐसा कार्यक्रम रखना आदिवासी समाज और परंपराओं का अपमान है. उन्होंने मांग की कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं का संचालन पेसा कानून के तहत पारंपरिक रूढ़ीजन्य व्यवस्था के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाए.

मुख्यमंत्री से की जाएगी शिकायत

विरोध-प्रदर्शन के दौरान गैर-आदिवासी ग्राम प्रधानों को पदमुक्त कर पारंपरिक अगुवाओं को पूर्ण अधिकार के साथ स्थापित करने की मांग की गयी. महाल के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले को लेकर वे जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर लिखित शिकायत करेंगे. इस मौके पर सेन बसु हांसदा, बिरसिंह बास्के, बिपिन चंद्र मुर्मू, बिंदे सोरेन, मोहन माडी, गणेश चंद्र हांसदा सहित दर्जनों पारंपरिक प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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