और पत्थर की बूत बन गये लालो चौधरी

धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के नूतनगढ़ के पास हुई दर्दनाक दुर्घटना में अपने दामाद और के भरेपूरे परिवार की तबाही देख राजेंद्र चौधरी के ससुर लालो चौधरी पत्थर की बूत बन गये हैं. अपनी बेटी तथा परिवार के चार सदस्यों की लाश को देख उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे. पूछने पर उन्होंने कहा […]

धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के नूतनगढ़ के पास हुई दर्दनाक दुर्घटना में अपने दामाद और के भरेपूरे परिवार की तबाही देख राजेंद्र चौधरी के ससुर लालो चौधरी पत्थर की बूत बन गये हैं. अपनी बेटी तथा परिवार के चार सदस्यों की लाश को देख उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे. पूछने पर उन्होंने कहा कि वे और उनका दामाद राजेंद्र चौधरी सड़क की दूसरी ओर सोये थे,

इसलिए उनकी जान बच गयी. उन्होंने कहा, ‘हम गहरी नींद में थे. तभी जोर की आवाज सुनायी पड़ी. नींद खुली तो देखा कि एक ट्रक झोपड़ी में घुस गया है. परिवार के सभी सदस्य ट्रक के नीचे दबे थे. शोर मचाया तो ग्रामीण जुटे. ट्रक के नीचे दब कर चार की मौत हो गयी थी. घायल दो बच्चियों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां एक ने दम तोड़ दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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