घाटशिला : घाटशिला के बड़ादाधिका आदिवासी शिक्षा विकास पुस्तकालय के तत्वावधान में बंगाल से अाये लोगों द्वारा लॉटरी खेलाने के नाम पर धांधली बरतने और उग्र ग्रामीणों द्वारा मारूति ओमनी वैन को जलाने समेत अन्य तीन वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए बंगाल के शेख शाहजहां और शेख फिरोज को जेल भेज दिया. वहीं इस मामले में पुस्तकालय के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापामारी जारी है.
पुस्तकालय के अध्यक्ष गोविंद हांसदा और सचिव शरबत मुर्मू समेत कई सदस्य फरार बताये जाते हैं. चौकीदार दुबई मुर्मू के बयान पर थाना में कांड संख्या 33/17, दिनांक 7 मई 2017, झारखंड गैंबलिंग एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई है. पुलिस इस मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चला रही है.
सफेदपोश और शिक्षकों की भूमिका भी संदिग्ध: सूत्रों का कहना है कि सरस्वती पूजा से पूर्व आदिवासी शिक्षा विकास पुस्तकालय में 150 सदस्य थे. मगर लॉटरी खेल को लेकर छिड़े विवाद के बाद 30 सदस्यों ने पुस्तकालय छोड़ दिया. अभी पुस्तकालय में 120 सदस्य हैं. लॉटरी खेल कराने में कई सफेद पोश और शिक्षकों की भूमिका भी संदिग्ध है. पुलिस अगर इस मामले की गहरायी से जांच करती है तो कई लोगों के इस मामले में शामिल होने की बात सामने आ सकती है.
आइपीएस के नेतृत्व में हुई छापामारी
प्रशिक्षु आइपीएस सह थाना प्रभारी श्रीकांत सुरेश राव खोटरे के नेतृत्व में आठ मई को लॉटरी खेल में लिप्त पुस्तकालय के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चलाया गया.
मगर पुलिस को छापामारी में सफलता हासिल नहीं हुई. श्री खोटरे का कहना है कि इस मामले में जो भी शामिल हैं. उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी. अभी पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है. आरोपियों की सूची बढ़ भी सकती है. उन्होंने कहा कि कुछ अपने लोगों की गलतियों के कारण यह मामला हुआ. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि बंगाल के दो लोगों को जेल भेजा गया है. उनसे पूछताछ की गयी. मगर उन लोगों ने वाहन किसने फूंका. इसके संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है.
आइपीएस ने बताया कि पुस्तकालय में लॉटरी से संबंधित एक डायरी थी. मगर उक्त डायरी को भी उपद्रव के बाद फाड़ा गया है. पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं. उन सुरागों के साथ पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. छापामारी के दौरान पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. पुस्तकालय के अध्यक्ष गोविंद हांसदा और सचिव शरबत मुर्मू का कहना है कि जब लॉटरी का खेल शुरू हुआ तो दोनों वहां उपस्थित नहीं थे.
