ग्रामीणों का विरोध, बिजली विभाग से सीमेंट का पोल गाड़ने की मांग
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड मुख्यालय से करीब दो किमी दूर पावड़ा-नरसिंहगढ़ पंचायत के देवशोल डुंगरीटोला व खड़िया टोला में बांस के खंभों के सहारे मौत बनकर बिजली दौड़ रही है. इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. ग्रामीणों ने इसका विरोध कराते हुए बिजली विभाग से सीमेंट का पोल गाड़ने की मांग की. डुंगरीटोला हवाई पट्टी रावताड़ा मुख्य सड़क किनारे है. ग्रामीण लक्ष्मण हेंब्रम, सुकदा मार्डी, साकला मार्डी, दिनेश सोरेन, कारू मार्डी, मुखिया मार्डी, जितेन सोरेन, दीनू मार्डी, पालू हेंब्रम, चांदराय सोरेन, मालती मार्डी ने बताया कि डुंगरीटोला में बिजली वितरण निगम के 15 उपभोक्ता हैं.
बीते दस वर्षों से बिजली विपत्र का भुगतान करते आ रहे हैं. डुंगरीटोला एवं खड़ियाटोला में 25 परिवार बिजली सुविधा से वंचित हैं. ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर से लगभग एक किमी तक ग्रामीण अपने खर्च बांस का खूंटा गाड़ कर सर्विस तार खींच कर बिजली सुविधा ले रहे हैं. ग्रामीण प्रति वर्ष दो बार बांस के खंभे को बदलते हैं. आंधी में बांस के खंभे गिर जाते हैं. ग्रामीण श्रमदान कर पुन: खंभा गाड़ते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि बांस के खंभे बदलने के लिए कई जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगायी गयी. विभागीय पदाधिकारियों को कई बार आवेदन सौंपा गया. किसी ने पहल नहीं की. बिजली विभाग के सहायक अभियंता रणधीर कुमार संपर्क करने पर उनका मोबाइल बंद मिला. इसलिए उनका पक्ष नहीं मिला.
