परियोजना को पूर्व में आवंटित 637 करोड़ में 626 करोड़ खर्च हो चुके हैं, बचे हैं मात्र 11 करोड़
गालूडीह : सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के अधूरे कार्य पूरा करने के लिए और 100 करोड़ रुपये की जरूरत है. पूर्व में आवंटित 637 करोड़ में से 629 करोड़ खर्च हो चुके हैं. परियोजना के पास फिलहाल 11 करोड़ रुपये बचे हैं. परियोजना के मुख्य अभियंता वीरेंद्र कुमार ने जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह से अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए और 100 करोड़ रुपये आवंटन की मांग की है.
परियोजना सूत्रों का मानना है कि मार्च 2018 तक विभाग को 204 करोड़ की जरूरत है. सिर्फ भू-अर्जन के लिए 154 करोड़ रुपये की जरूरत है. परियोजना पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व में स्वीकृति कार्य जारी है. भू-अर्जन की रिपोर्ट में भेज दी गयी है.
वर्ष 2018-19 तक परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य
परियोजना सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2018-19 तक परियोजना के सभी काम को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
लक्ष्य के हिसाब से काम किया जा रहा है. कई काम पूर्ण हो चुके हैं. कई काम जारी है. भू-अर्जन के कारण रूकावट को दूर किया जा रहा है.
