गुड़ाझोर. रेलभूमि पर बसे 300 परिवारों को बसाने का विरोध, ग्रामीणों ने कहा

गालूडीह : घाटशिला-मऊभंडार के आसपास रेल भूमि पर अतिक्रमण कर बसे करीब 300 परिवारों को बाघुड़िया पंचायत के गुड़ाझोर में खाली पड़ी 10 एकड़ सरकारी भूमि में बसाने के खिलाफ बुधवार को गुड़ाझोर में ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने बैठक कर कहा कि उक्त जमीन गांव का श्मशान घाट है. उक्त जमीन किसी हाल […]

गालूडीह : घाटशिला-मऊभंडार के आसपास रेल भूमि पर अतिक्रमण कर बसे करीब 300 परिवारों को बाघुड़िया पंचायत के गुड़ाझोर में खाली पड़ी 10 एकड़ सरकारी भूमि में बसाने के खिलाफ बुधवार को गुड़ाझोर में ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने बैठक कर कहा कि उक्त जमीन गांव का श्मशान घाट है. उक्त जमीन किसी हाल में नहीं देंगे. ग्रामीणों ने निर्णय लिया गुरुवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि सीओ कार्यालय जाकर आवेदन सौंपेगा.

बैठक में ग्राम प्रधान रामचंद्र सिंह, हरीपद सिंह, मंगल सिंह, जगन्नाथ सिंह, भागीरथ सिंह, दशरथ सिंह, चरण सिंह, विश्वनाथ सिंह, किरानी सिंह, सुंदर सिंह, हिपी सिंह, संजीत सिंह, सुनील सिंह, मणींद्र सिंह, गौर सिंह, विमल सिंह, चरण सिंंह, सुशांत सिंह, भोक्तू सिंह, शंकर सिंह, वार्ड मेंबर जोसना सिंह, सरला सिंह, पार्वती सिंह समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे.

हम शहर में बसना चाहते थे तो नहीं बसाया, अब हम नहीं देंगे जमीन: बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि 2006 के बाद नक्सली घटना बढ़ने से हम परेशान थे. पुलिस शक की निगाह से देखती थी. तब हम लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की थी कि बीहड़ में रहने मात्र से लगता है कि हम नक्सली समर्थक हैं, तो हमें शहरों में जमीन देकर बसाया जाय. तब हमें बसाया नहीं गया था. अब हम अपने गांव में किसी को बसने नहीं देंगे.
क्या है मामला: घाटशिला-मऊभंडार के आस पास रेल भूमि के किनारे कई गरीब परिवार बसे हैं. रेल भूमि अतिक्रमण कर बसे करीब 300 विस्थापित परिवारों को घाटशिला के एसडीओ सुशांत गौरव के निर्देश पर सीओ राजेंद्र प्रसाद सिंह ने गुड़ाझोर में खाली पड़ी 10 एकड़ खाली भूमि चिन्हित किया है. अंचल विभाग अब गुड़ाझोर की खाली दस एकड़ भूमि में 300 विस्थापितों को बसाना चाहती है. एसडीओ के आदेश पर पुनर्वास के लिए आवेदन देने वाले रेल भूमि के अतिक्रमण कारियों का सत्यापन किया जाना है. इधर गुड़ाझोर में विस्थापितों को बसाने की प्रक्रिया शुरू होते ही गुड़ाझोर वासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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