गुरु के शरण में जाने से जीवन होता है सफल

मुसाबनी : मुसाबनी अग्रसेन भवन में ठाकुर अनुकूल चंद्र का 129वां जन्म महोत्सव आयोजित हुआ. देवघर से आये मुख्य अतिथि भास्कर शरण ने कहा कि ठाकुर से प्रेम कर हम उनका आशीर्वाद पा सकते हैं. गुरु के शरण में जाने से सांसारिक जीवन सफल होता है. गुरु बिना गति नहीं है. दीक्षा से दक्षता बढ़ती […]

मुसाबनी : मुसाबनी अग्रसेन भवन में ठाकुर अनुकूल चंद्र का 129वां जन्म महोत्सव आयोजित हुआ. देवघर से आये मुख्य अतिथि भास्कर शरण ने कहा कि ठाकुर से प्रेम कर हम उनका आशीर्वाद पा सकते हैं. गुरु के शरण में जाने से सांसारिक जीवन सफल होता है. गुरु बिना गति नहीं है. दीक्षा से दक्षता बढ़ती है. अहंकार मिटता है. दुष्चरित्र पर नियंत्रण होता है. उन्होंने 1977 में गालूडीह की घटना का उल्लेख किया. इसपर देवघर से आये मोतीलाल महतो, अंडाल के साधन मिश्र,

जमशेदपुर के गंगा प्रसाद सिंह, नव कुमार मन्ना, आनंद कुमार, गालूडीह के विश्वनाथ साधु, चाकुलिया के विभूति भूषण महतो समेत कई वक्ताओं ने ठाकुर अनुकूल चंद्र की जीवनी पर प्रकाश डाला. उनके बताये मार्ग पर चलने का आह्वान किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता देवघर के अपूर्व राय चक्रवर्ती ने की. मौके पर 150 लोगों ने दीक्षा ग्रहण किया. जन्मोत्सव पर ठाकुर अनुकूल चंद्र की तसवीर को वाहन पर रखकर भक्तों ने नगर भ्रमण किया.

अग्रसेन भवन से शोभा यात्रा अस्पताल चौक होते हुए मुसाबनी बाजार शीतला मंदिर, एटीएफ परिभ्रमण करते हुए वापस अग्रसेन भवन पहुंचा. शोभा यात्रा में शामिल भक्त अनुकूल चंद्र की जयकारे लगा रहे थे. मौके पर सनातन सरकार, सनत साव,युगल साव, विश्व रूप धर, अशोक साव, दीनबंधु नायक, बबलू प्रजापति, माता दिन अग्रवाल, शंकर महाकुड़, आदि उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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