गर्मी के दस्तक से जल संकट शुरू

गालूडीह : गर्मी की दस्तक के साथ ग्रामीण और अर्द्ध शहरी इलाकों में जल संकट गहराने लगा है. दारीसाई के मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि तेजी से भूगर्भ जल स्तर घट रहा है. फरवरी-मार्च महीने में जल स्तर जितना होना चाहिए, पिछले दो-तीन साल से उतना नहीं हो रहा है. इससे आने वाले दिनों […]

गालूडीह : गर्मी की दस्तक के साथ ग्रामीण और अर्द्ध शहरी इलाकों में जल संकट गहराने लगा है. दारीसाई के मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि तेजी से भूगर्भ जल स्तर घट रहा है. फरवरी-मार्च महीने में जल स्तर जितना होना चाहिए, पिछले दो-तीन साल से उतना नहीं हो रहा है. इससे आने वाले दिनों में और जल संकट उत्पन्न होगा. इसका प्रमुख कारण वर्षा जल संग्रह का उचित प्रबंधन नहीं होना,अधिकांश घरों में डीप बोरिंग का होना, तालाबों और कुआं का अस्तित्व मिटना रहा है. इसलिए अब गर्मी की दस्तक देने के साथ कुंए में काफी नीचे पानी चला जाता है. चापानल सूख जाते हैं. छोटे तालाब सूखने लगते हैं. चैकडैम, नाला में मार्च महीने से जल स्तर घट जाता है. जल संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संग्रह पर ध्यान देना जरूरी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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