हेंदलजुड़ी में मनरेगा पर पंचायत स्तरीय जनसुनवाई, मजदूरी का भुगतान भी है लंबित
गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत में बुधवार को जेएसएपीएस के तत्वावधान में मनरेगा योजना का सामाजिक अंकेक्षण सह पंचायत स्तरीय जन सुनवाई हुई. चार सदस्यीय जुरी टीम ने वर्ष 2015-16 में इस पंचायत में मनरेगा योजना का ऑडिट किया. इसमें कई खामियां पायी गयी. इसे ग्राम और पंचायत स्तर पर सुलझाने की बात कही गयी. जन सुनवाई में मनरेगा मजदूरों का मजदूरी भुगतान लंबित रहने और कई मजदूरों का जॉब कार्ड बिचौलियों द्वारा जब्त कर रखने का मामला उठा. वैसे बिचौलियों के खिलाफ प्रखंड से शिकायत करने की बात कही गयी. पदाधिकारियों ने कहा कि मनरेगा एक कानून है. इसका जो उल्लंघन करेगा उस पर कार्रवाई होगी. इस योजना का उद्देश्य मजदूरों को सौ दिन रोजगार देना है. बकाया मजदूरी भुगतान करने और जॉब कार्ड वापस करने का निर्देश दिया गया.
83 मजदूरों ने जॉब कार्ड के लिए आवेदन दिया: जन सुनवाई में 83 मजदूरों ने जॉब कार्ड के लिए आवेदन जमा किया. जन सुनवाई में जिप सदस्य तुलसी वाला मुर्मू, मुखिया छितामुनी हांसदा, पंसस रायमुनी सोरेन, बीएओ पतित पावन घोष, पंचायत सचिव संजय दंडपात,रोजगार सेवक महावीर सीट, जन सेवक, मुखिया प्रतिनिधि दुलाल चंद्र हांसदा, ग्राम प्रधान पीरू मांझी, मंगल मुर्मू समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे.
टीम गठित कर जांच का आदेश
जनसुनवाई में सिमाल मांझी ने वार्ड मेंबर समीर मांझी पर बैंक खाता और जॉब कार्ड रखने का आरोप लगाया. मांझी ने कहा कि कार्ड अपटेड करने के लिए लिया था. उसकी मां को लौटा दिया गया है. जन सुनवाई में कई ग्रामीणों ने गोष्टा प्रमाणिक समेत अन्य मेंट, मुंशी और बिचौलियों पर मजदूरी भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया. तय हुआ कि एक टीम बनाकर मामले की जांच की जायेगी और इसकी रिपोर्ट ब्लॉक को सौंपी जायेगी.
