मऊभंडार में आइसीसी प्रबंधन का अतिक्रमण हटाओ अभियान का अंतिम दिन
घाटशिला : मऊभंडार में आइसीसी कंपनी प्रबंधन का आइसीसी की सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाओ अभियान शनिवार को अंतिम दिन चला. दूसरी तरफ रेलवे प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान आठ फरवरी तक चलेगा. आइसीसी और रेलवे के अतिक्रमण हटाओ अभियान से बासुकी नगर, मनोहर कॉलोनी, गुदड़ी बस्ती समेत अन्य बस्तियों के गरीबों को छोटे-छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने पर विवश होना पड़ेगा. रेलवे के अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में शनिवार को बासुकी नगर और गुदड़ी बस्ती की महिलाओं ने राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार बलमुचु का घेराव किया.
श्री बलमुचु ने महिलाओं की समस्याएं सुनी. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गरीबों को बसाने की बात कर रही है, लेकिन घाटशिला में प्रशासन गरीबों को रोजगार छीनने व आशियाना उजाड़ने में लगी है. उन्होंने कहा कि घाटशिला और मऊभंडार में कोई कल कारखाना नहीं लग रहा है कि गरीबों को उजाड़ा जा रहा है. अगर भूमि पर कल कारखाना लगता है, तो समझ में आता कि अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है. यहां ऐसी कोई बात नहीं है. फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान क्यों. श्री बलमुचु ने कहा कि इस ठंड के समय प्रशासन का अभियान चलना गलत है. इस मामले में उपायुक्त अमित कुमार से दूरभाष पर बात की. उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि इस मामले को अपने स्तर से देखते हैं. ज्ञात हो कि रेलवे ने मऊभंडार में रेलवे लाइन के किनारे 8 फरवरी तक अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया है. इस नोटिस के बाद से रेलवे की भूमि पर झोपड़ी बना कर रहने वाले गरीब लोग परेशान हैं.
