एएलसी ने प्रबंधन से 15 फरवरी तक मांगा जवाब

मुसाबनी : आइआरएल के मजदूरों को बोनस अधिनियम के तहत न्यूनतम बोनस भुगतान को लेकर गुरुवार को एएलसी कार्यालय चाईबासा में आइआरएल प्रबंधन और मान्यता प्राप्त यूनियन के बीच बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता एएलसी प्रवीण कुमार ने की. बैठक में आइआरएल प्रबंधन की ओर से एचआर हेड पीके दूबे, राज कुमार घोष, एके त्रिपाठी, मुसाबनी […]

मुसाबनी : आइआरएल के मजदूरों को बोनस अधिनियम के तहत न्यूनतम बोनस भुगतान को लेकर गुरुवार को एएलसी कार्यालय चाईबासा में आइआरएल प्रबंधन और मान्यता प्राप्त यूनियन के बीच बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता एएलसी प्रवीण कुमार ने की. बैठक में आइआरएल प्रबंधन की ओर से एचआर हेड पीके दूबे, राज कुमार घोष, एके त्रिपाठी, मुसाबनी माइंस इंप्लाइज यूनियन की ओर से डिप्टी प्रसिडंट शेख हुसैन, संयुक्त

सचिव राजेंद्र प्रसाद सिंह, सलाहकार मकरा पातर, पीटर दास ने भाग लिया. एएलसी ने बोनस अधिनियम के तहत आइआरएल के मजदूरों को न्यूनतम बोनस की राशि सात हजार रुपये का भुगतान नहीं किये जाने को गंभीरता से लिया. प्रबंधन को इस संबंध में जवाब-तलब किया. प्रबंधन ने इस मुद्दे पर एएलसी से अपना पक्ष रखने का समय मांगा. डिप्टी प्रसिडेंट शेख हुसैन ने कहा कि एएलसी ने 15 फरवरी तक का समय दिया है.
यदि उक्त तिथि तक संतोष जनक जवाब नहीं मिला, तो कार्रवाई की जायेगी. बैठक में मकरा पातर ने आइआरएल में बेसिक वेतन साथ अलग अलग आवास भत्ता, स्पेशल एलाउंस आदि का भुगतान करने का मामला उठाया. एएलसी से मिलने पंजीकृत यूनियन झारखंड कॉपर माइंस वर्कर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष शमशेर खान, महासचिव मो इशाक, गुरूदास मुर्मू, राजा लोहार, मो बशीर भी चाईबासा गये थे.
आइआरएल
न्यूनतम बोनस मुद्दे पर प्रबंधन-यूनियन में बैठक
न्यूनतम बोनस सात हजार नहीं देने का मामला

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