दो माह से बिस्तर पर है सबर छात्र, गरीबी इलाज में बाधक

गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की हलुदबनी सबर बस्ती के स्व हिकिम सबर का पुत्र बिहारी सबर का पांव टूट गया है. वह दो माह से खटिया पर पड़ा है. गरीबी इलाज में बाधक बनी है. डॉक्टर के पास जाने की बजाय जड़ी-बूटी से इलाज हो रहा है. उसने बताया 13 नवंबर को पहाड़पुर में फुटबॉल […]

गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की हलुदबनी सबर बस्ती के स्व हिकिम सबर का पुत्र बिहारी सबर का पांव टूट गया है. वह दो माह से खटिया पर पड़ा है. गरीबी इलाज में बाधक बनी है. डॉक्टर के पास जाने की बजाय जड़ी-बूटी से इलाज हो रहा है. उसने बताया 13 नवंबर को पहाड़पुर में फुटबॉल मैच में उसका पांव टूट गया. वह घाटशिला कॉलेज में इंटर का छात्र है. उसने बताया कि 16 फरवरी से इंटर की परीक्षा है. पांव ठीक नहीं होने से पढ़ाई नहीं कर पा रहा. उसे परीक्षा की चिंता है.

विधवा मां कोकी सबर और दो भाई पान और मुसला सबर हैं. सभी जंगल से लकड़ी लाकर बेचते हैं, तो परिवार चलता है. ऐसे में इलाज के लिए पैसे नहीं है. अबतक कोई चिकित्सक के पास नहीं गया. पुखुरिया के कविराज से जड़ी-बूटी से इलाज हो रहा है. सबरों के प्रधान अरुण सबर और धोना गोप के कहने पर आज गांव पहुंचे ब्रह्मानंद अस्पताल के चिकित्सक डॉ देवदूत सोरेन ने युवक की जांच की. आइसीसी के जीएम डीके चौधरी ने युवक को देखा और कहा कि कल युवक को एंबुलेंस से घाटशिला सरकारी अस्पताल भेजेंगे. उन्होंने दूरभाष पर चिकित्सा प्रभारी डॉ शंकर टुडू से भी बात की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >