धनाई के नेतृत्व में नासुस ने 21 नक्सलियों का किया था सेंदरा

मुसाबनी : मुसाबनी एक नंबर में नागरिक सुरक्षा समिति (नासुस) के पूर्व महासचिव धनाई किस्कू की पांच जनवरी को पुण्यतिथि मनायी जायेगी. धनाई किस्कू नासुस के तेर्ज तर्रार नेता साबित हुए. धनाई किस्कू की कुशल रणनीति और मजबूत सूचना तंत्र का परिणाम था कि डुमरिया और गुड़ाबांदा में (वर्ष 2003 और 2008) 21 नक्सली मारे […]

मुसाबनी : मुसाबनी एक नंबर में नागरिक सुरक्षा समिति (नासुस) के पूर्व महासचिव धनाई किस्कू की पांच जनवरी को पुण्यतिथि मनायी जायेगी. धनाई किस्कू नासुस के तेर्ज तर्रार नेता साबित हुए. धनाई किस्कू की कुशल रणनीति और मजबूत सूचना तंत्र का परिणाम था कि डुमरिया और गुड़ाबांदा में (वर्ष 2003 और 2008) 21 नक्सली मारे गये. विदित हो कि 5 जनवरी 2009 को नक्सलियों ने मुसाबनी के पोस्ट ऑफिस मैदान के पास गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी. नासुस के अध्यक्ष शैलेंद्र बास्के ने बताया कि गुरुवार को पुण्यतिथि पर सुबह में मुसाबनी नंबर एक में श्रद्धांजलि सभा होगी.

दिवंगत के परिजनों और नासुस सदस्यों की उपस्थिति में सुबह में पूजा होगी. दोपहर तीन बजे मुसाबनी न्यू कॉलोनी में श्रद्धांजलि सभा होगी. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में ग्रामीण एसपी शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल उपस्थित रहेंगे. शहादत दिवस पर नासुस के तत्वावधान में फुटबॉल, तीरंदाजी समेत कई खेलकूद प्रतियोगिता होगी.
सुपाई टुडू की मौत से नासुस में उत्साह: गुड़ाबांदा के नक्सली एरिया कमांडर सुपाई टुडू की पुलिस से मुठभेड़ में मारे जाने से नासुस सदस्यों में खुशी है. नासुस महासचिव धनाई किस्कू की हत्या में सुपाई टुडू की भूमिका थी. धनाई किस्कू के शहादत दिवस के दो दिन पूर्व सुपाई की मुठभेड़ में मारे जाने से नासुस सदस्य ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि इस वर्ष शहादत दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जायेगा.
31 मार्च 2003 को धनाई ने किया था नासुस का गठन: डुमरिया और गुड़ाबांदा में नक्सलियों से लोहा लेने के लिए डुमरिया के जानेगोड़ा निवासी धनाई किस्कू ने 31 मार्च 2003 को डुमरिया के भागाबांधी हाट मैदान में बैठक कर नागरिक सुरक्षा समिति का गठन किया था. इस बैठक में धनाई किस्कू को नासुस का महासचिव, शंकर चंद्र हेंब्रम को अध्यक्ष तथा शैलेंद्र बास्के को कोषाध्यक्ष बनाया गया था. बैठक में डुमरिया और गुड़ाबांदा के अनेक सदस्य शामिल थे. इस बैठक में नासुस ने नक्सलियों के खिलाफ सेंदरा अभियान चलाने का शंखनाद किया था.
लांगो में हुआ नौ नक्सलियों का सेंदरा: तेज-तर्रार धनाई किस्कू ने नासुस के गठन होते ही नक्सलियों के खिलाफ बिसात बिछानी शुरू कर दी. इसमें नासुस के सभी सदस्यों को भरपूर सहयोग मिला. 7-8 अगस्त 2003 की रात डुमरिया के लांगो में ग्रामीणों ने नौ नक्सलियों का सेंदरा कर दिया. इसमें धनाई किस्कू भूमिका अहम रही. इसके बाद भी चार नक्सलियों का सेंदरा हुआ. इस घटना के बाद धनाई किस्कू नक्सलियों के लिए एक खौफ बन गये.
भीतरआमदा में आठ नक्सली मारे गये: धनाई किस्कू की रणनीति का परिणाम था कि डुमरिया के भीतरआमदा में 14 फरवरी 2008 को नक्सली कमांडर विकास समेत आठ नक्सली पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गये. इसके बाद भी धनाई किस्कू का नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रहा. कई मौकों पर धनाई किस्कू की सूचना पर पुलिस ने नक्सलियों का कैंप ध्वस्त किया.
इससे बौखला कर नक्सलियों ने धनाई किस्कू के खिलाफ रणनीति बनायी. सुरक्षा के मद्देनजर धनाई किस्कू अपने परिवार के साथ मुसाबनी में रहने लगे. अंत: पांच जनवरी 2009 को नक्सलियों ने मुसाबनी में ही उनकी हत्या कर दी.
मुसाबनी : नासुस के महासचिव धनाई किस्कू की पुण्यतिथि आज
डुमरिया के भागाबांधी में 31 मार्च 2003 को नासुस के गठन के मौके पर बोलते धनाई किस्कू. फाइल फोटो
वर्ष 2006 में आस्ती में बोलते नासुस के महासचिव धनाई किस्कू साथ में तत्कालीन सांसद सुनील महतो. फाइल फोटो
मुसाबनी नंबर एक में समारोह पूर्वक मनायी जायेगी पुण्यतिथि
भागाबांधी हाट मैदान में धनाई किस्कू ने किया था नासुस का गठन
नक्सली एरिया कमांडर सुपाई टुडू की मौत से उत्सहित है नासुस खेमा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >