घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के दामपाड़ा क्षेत्र के किसान अभी भी धान झाड़ने में जुटे हैं. कालचिती के किसान छोटू सोरेन ने बताया कि 500 और 1000 रुपये के नोट की नोटबंदी तो मालूम था. घर में जो भी 500 और 1000 नोट थे. उसे बैंक में जमा कर दिया हैं. उन्होंने कहा कि वे साल भर के लिए खाने के लिए धान रखे हुए हैं, लेकिन धान बिक्री करने के लिए निबंधन कराना पड़ेगा. इस बात की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों से छुटकारा नहीं मिलता है.अखबार तथा टेलीविजन पर न्यूज कब देखें.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से शाम तक किसान अपने खेतों में काम करते हैं. रात में खाकर सो जाते हैं. फिर सुबह 5 बजे से मवेशी खिलाना तथा कृषि कार्य में जुट जाते हैं. उन्होंने कहा कि बीते 50 दिन में मात्र एक दिन बैंक गये हैं. पैसा जमा करने के बाद से कृषि कार्य से फुर्सत नहीं मिलता, तो बैंक क्या जायेंगे. उन्होंने कहा कि 500 और 1000 की नोटबंदी से कृषि क्षेत्र पर असर पड़ा है. लेकिन धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. कब तक सुधार होगा. कहना मुश्किल है.
