नाम बदला 2014 में, कागजात जमा अब

मुसाबनी : सुरदा खदान एवं मुसाबनी कान्संट्रेटर का संचालन करने वाली आस्ट्रेलिया कंपनी स्वॉन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड का नाम ईस्टर्न गोल्ड फिल्ड लिमिटेड 8 जुला़ई 2014 में ही हो गया. जबकि अ़ाआरएल के इडी बीएन शुक्ला के मुताबिक कंपनी ने स्वॉन गोल्ड से ईस्टर्न गोल्ड फिल्ड लिमिटेड का नाम बदलने संबंधित कागजात एचसीएल मुख्यालय में […]

मुसाबनी : सुरदा खदान एवं मुसाबनी कान्संट्रेटर का संचालन करने वाली आस्ट्रेलिया कंपनी स्वॉन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड का नाम ईस्टर्न गोल्ड फिल्ड लिमिटेड 8 जुला़ई 2014 में ही हो गया. जबकि अ़ाआरएल के इडी बीएन शुक्ला के मुताबिक कंपनी ने स्वॉन गोल्ड से ईस्टर्न गोल्ड फिल्ड लिमिटेड का नाम बदलने संबंधित कागजात एचसीएल मुख्यालय में अप्रैल 2016 में जमा कराया है. उक्त जानकारी कंपनी सूत्रों से मिली है.

भारत सरकार के कंपनी मामलों के मंत्रालय के रजिस्टार ऑफ कंपनिज देवाशिष बंदोपाध्याय के कागजात के अनुसार मेसर्स स्वॉन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड,जो एक विदेशी कंपनी भारत में व्यापार रजिस्ट्रेशन संख्या एफ 03163 वर्ष 2007 से कर रही है. उसने अपना नाम ईस्टर्न गोल्ड फिल्ड लिमिटेड के रूप में 8 जुलाई 2014 से कर लिया है और उसकी सूचना मंत्रालय को फार्म एफसी-दो 6 मई 2016 को दायर कर दी है. नाम इस्टर्न गोल्ड फिल्ड लिमिटेड किये जाने के मामले को लेकर एचसीएल मुख्यालय कोलकाता गंभीर है. जुलाई 2014 में नाम बदल कर कंपनी ने एचसीएल के साथ कारोबार किया गया.

आइआरएल राखा कॉपर प्रोजेक्ट से टर्मिनेट किया
कंपनी सूत्रों के अनुसार एचसीएल ने आइआरएल को राखाकॉपर प्रोजेक्ट से टमिर्नेट कर दिया है. ग्लोबल टेंडर के माध्यम से आइआरएल ने पौलेंड की खनन कंपनी कोपेक्स के साथ संयुक्त रूप से राखा कॉपर को फिर से शुरू करने का करीब 200 करोड़ रुपये का निविदा 2012 में लिया था. करीब चार वर्ष पूरा होने को है. अब तक आइआरएल ने राखा कॉपर प्रोजेक्ट पर कोई काम शुरू नहीं किया है. एचसीएल ने आइआरएल के राखा कॉपर का टेंडर टर्मिनेट कर दिया है. हालांकि इसकी अाधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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