माओवादियों ने 22 को बंद बुलाया

घाटशिला : भाकपा माओवादी की बंगाल, झारखंड, ओड़िशा बॉर्डर रिजनल कमेटी की ओर से राकेश जी ने केंदू पत्ता के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर 22 अप्रैल को सीमांत इलाका बंद का आह्वान किया है. बंद से जरूरी सेवाएं मुक्त रहेंगी. विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंदू पत्ता और अन्य वनोत्पाद में […]

घाटशिला : भाकपा माओवादी की बंगाल, झारखंड, ओड़िशा बॉर्डर रिजनल कमेटी की ओर से राकेश जी ने केंदू पत्ता के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर 22 अप्रैल को सीमांत इलाका बंद का आह्वान किया है. बंद से जरूरी सेवाएं मुक्त रहेंगी. विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंदू पत्ता और अन्य वनोत्पाद में 20 प्रतिशत मूल्य वृद्धि की मांग को लेकर माओवादी संगठन आंदोलित है. इसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है.
विज्ञप्ति में कहा गया है कि झारखंड सरकार, ममता सरकार और नवीन पटनायक सरकार के पदाधिकारी, वन विभाग एवं ठेकेदार पुलिस की मदद से वनोत्पाद में 20 प्रतिशत वृद्धि को रोकने का प्रयास कर रहे है.
जमीन अधिग्रहण के नाम पर किसानों को बेदखल का प्रयास
विज्ञप्ति में राकेश जी ने कहा कि मैक इन इंडिया के नाम पर औद्योगिक विकास और कृषि हब बनाने के नाम पर जमीन अधिग्रहण अध्यादेश लाया गया है. कृषकों को उसकी ही जमीन से बेदखल करने की योजना राज्य और केंद्र सरकार ने बनायी है. 68 साल से यूपीए और एनडीए सरकार चला रही है, परंतु जनता और किसानों के लिए कुछ नहीं किया.
दलमा इको सेंसेटिव जोन का विरोध
विज्ञप्ति में कहा गया है कि दमला इको सेंसेटिव जोन का विरोध होगा. चांडिल से बहरागोड़ा, चांडिल से कांड्रा, टाटा से हाता, मुसाबनी से गुड़ाबांदा आदि इलाकों में कारखानों के नाम पर औद्योगिक कॉरिडोर बनाने का प्रयास सरकार कर रही है. इससे कई लाख जनता अपनी जमीन से बेदखल हो जायेगी. दूसरी ओर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमत लगातार बढ़ रही है.

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