इलाज में बिके घर के सभी सामान, परिवार बूढ़ी मां की वृद्धा पेंशन व बीपीएल पर निर्भर
मुसाबनी : बादिया तांतीपाड़ा के सिल्कोसिस पीड़ित शंकर गिरी (50) की 18 अगस्त को मौत हो गयी. शंकर गिरी के परिवार वालों के अनुसार वह तेरेंगा स्थित केके मिनरल्स तथा केके इंट्रस्ट्रीज में कार्य करता था और पिछले कुछ साल से बीमार था.
शंकर गिरी के परिवार में वृद्ध मां चंपा गिरी, विधवा पत्नी बिधनी गिरी तथा पुत्री कल्पना गिरी (10) है. शंकर की बीमारी से परिवार की माली हालत खराब हो गयी है. घर का सभी सामान इलाज में बिक गया है.
पत्नी बिधनी गिरी दूसरों के घरों में काम कर पति का इलाज करा रही थी. शंकर का परिवार बूढ़ी मां के वृद्धा पेंशन तथा बीपीएल के चावल से चलता है. पिछले दो वर्ष से शंकर गिरी बीमार था. उसका इलाज उसके परिवार वालों के संबंधियों से उधार लेकर किया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. शंकर गिरी की मौत से परिवार के समक्ष परेशानी उत्पन्न हो गयी है. परिवार की जिम्मेवारी अब उसकी विधवा पत्नी के कंधे पर आ गयी है.
