खरसावां : कल्याण विभाग की ओर से कुचाई में संचालित जिले के एक मात्र एकलव्य आश्रम आवासीय विद्यालय में विगत 15 दिनों से ताला लटक रहा है.
विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था से नराज हो कर स्कूल छोड़ चुके 174 आदिवासी छात्रों को अब तक स्कूल लाने की ठोस पहल नहीं हुई है. विद्यालय में अब तक एक भी स्कूली छात्र वापस नहीं लौटे हैं.
उल्लेखनीय है कि विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था से नराज छात्र नौ अगस्त को अंतरराष्ट्रीय दिवस पर दिन भर भूख हड़ताल पर बैठे. वहीं दूसरे दिन 10 अगस्त को विद्यालय, हॉस्टल व कार्यालय में ताला जड़ कर वापस अपने घर चले गये. तक से से अब तक विद्यालय में ताला लटका हुआ है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय के संचालन एनजीओ भारत सेवा श्रम संघ ने भी आगे विद्यालय संचालन से अपने हाथ खड़ा दिया है. सरकारी स्तर पर नये सिरे से स्कूल के संचालन के लिये दूसरी एनजीओ की तलाश की जा रही है.
स्कूल की मुख्य समस्या
हिंदी की पढ़ाई के लिए शिक्षक नहीं है. प्राचार्या का कार्य भी प्रभारी शिक्षक के भरोसे चल रहा है. सही समय पर छात्रों को पाठय़ सामग्री नहीं मिलता है. दो साल से अधिक समय गुजर गये स्कूल ड्रेस व खेल उपकरण नहीं मिला है. खाना भी मिनू के अनुसार नहीं परोसा जाता है.
विद्यालय में इंटर की भी पढ़ाई करनी है. इंटर की विज्ञान व कला संकाय के लिये 30-30 सीटें भी तय की गयी है, परंतु 2009 के बाद इंटर की पढ़ाई भी बंद पड़ी हुई है. पुस्तकालय व प्रयोगशाला की व्यवस्था नहीं है. शुद्ध पेयजल, नियमित रूप से बिजली, स्कूल ड्रेस भी नहीं मिल पा रहे हैं.
क्या कहते है स्कूल प्राचार्य ?
स्कूल के प्रभारी प्राचार्य रामाशीष महतो के अनुसार विद्यालय परिसर में कई सारे समस्या है. छात्रों की ओर से की जा रही मांग पूरी तरह से जायज है. इंटर की पढ़ाई के लिए एक भी लेरर नहीं है. इस कारण इंटर की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. विद्यालय में व्याप्त समस्याओं के संबंध में कई बार स्कूल के संचालन भारत सेवा श्रम संघ व सरकार को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है.
